आलू की मंदी से पहले ही परेशान थे किसान
फर्रुखाबाद। बीती रात आई तेज आंधी और बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी। अचानक बदले मौसम के चलते खेतों में खड़ी मक्का की फसल पूरी तरह बिछ गई और कई स्थानों पर फसल जमीन पर गिरकर बर्बाद हो गई। तेज हवाओं का असर इतना अधिक था कि बड़े-बड़े पेड़ जड़ से उखड़कर खेतों में गिर पड़े, जिससे फसल को अतिरिक्त नुकसान हुआ। इस प्राकृतिक आपदा ने किसानों की महीनों की मेहनत को एक झटके में मिट्टी में मिला दिया।
सुबह जब किसान अपने-अपने खेतों पर पहुंचे तो वहां का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। खेतों में मक्का की बालियां टूटकर बिखरी पड़ी थीं किसानों का कहना है कि इस बार उन्होंने महंगे बीज, खाद और सिंचाई पर भारी खर्च किया था, लेकिन इस आपदा ने उनकी सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।स्थिति को और गंभीर इसलिए माना जा रहा है क्योंकि जिले के किसान पहले से ही आलू की फसल में आई भारी मंदी से जूझ रहे हैं। आलू के गिरते दामों ने किसानों को पहले ही आर्थिक संकट में डाल रखा था, और अब मक्का की फसल के बर्बाद होने से उनकी हालत और खराब हो गई है। कई किसानों ने कर्ज लेकर खेती की थी, ऐसे में दोहरी मार पड़ने से उनके सामने परिवार का भरण-पोषण करना भी चुनौती बन गया है।
सिरोंज निवासी अंकित यादव ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि “रात में आई तेज आंधी और बारिश ने सब कुछ खत्म कर दिया। पूरी मक्का की फसल जमीन पर गिर गई है जिससे और नुकसान हुआ है। पहले ही आलू के दाम नहीं मिले, अब यह नुकसान कैसे झेलेंगे।किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल सर्वे कराकर नुकसान का आकलन किया जाए और उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते राहत नहीं मिली तो आर्थिक संकट और गहराएगा।


