पांच जिलों में भूमि अधिग्रहण तेज, मैनपुरी में 32% कार्य पूरा
मैनपुरी। बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नई दिशा देने के उद्देश्य से प्रस्तावित फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना ने रफ्तार पकड़ ली है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) द्वारा संचालित इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत पांच से अधिक जिलों में भूमि अधिग्रहण का कार्य तेजी से चल रहा है। यह एक्सप्रेसवे रूहेलखंड और बुंदेलखंड क्षेत्रों को सीधे जोड़ने का कार्य करेगा, जिससे आवागमन के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों को भी बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
जानकारी के अनुसार, यह लिंक एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा। इसके निर्माण से प्रदेश के कई प्रमुख जिलों के बीच दूरी कम होगी और यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। परियोजना के तहत मैनपुरी, इटावा, कन्नौज, फर्रुखाबाद, हरदोई और शाहजहांपुर जैसे जिलों में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है।
मैनपुरी जिले की बात करें तो यहां अब तक लगभग 32 प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण पूरा किया जा चुका है, जो इस परियोजना की प्रगति को दर्शाता है। प्रशासन द्वारा किसानों से सहमति बनाकर जमीन खरीदने की प्रक्रिया को तेज किया गया है, ताकि निर्माण कार्य समय से शुरू किया जा सके।
यह एक्सप्रेसवे न केवल परिवहन को सुगम बनाएगा, बल्कि औद्योगिक विकास, व्यापार और निवेश को भी नई गति देगा। रूहेलखंड क्षेत्र के बरेली, पीलीभीत, बदायूं और शाहजहांपुर जैसे जिलों के लोगों को बुंदेलखंड के झांसी, चित्रकूट और आसपास के क्षेत्रों तक पहुंचने में आसानी होगी। इससे पर्यटन, कृषि और लघु उद्योगों को भी प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के साथ-साथ अन्य आवश्यक औपचारिकताएं भी तेजी से पूरी की जा रही हैं। सरकार का लक्ष्य है कि इस परियोजना को निर्धारित समयसीमा में पूरा कर प्रदेश के विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाए।
स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों का मानना है कि फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे भविष्य में उत्तर प्रदेश की आर्थिक रीढ़ साबित हो सकता है, जो विभिन्न क्षेत्रों को जोड़कर विकास की नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा।


