फतेहपुर में विशेष पॉक्सो न्यायालय ने एक गंभीर मामले में सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी युवक को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला विशेष न्यायाधीश महेंद्र कुमार द्वितीय की अदालत ने सुनाया। साथ ही दोषी पर 28 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है, जिससे अदालत ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार के अपराधों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता देवेश कुमार श्रीवास्तव और अधिवक्ता हरिश्चंद्र यादव ने मामले की पैरवी की। उनके अनुसार, यह मामला फतेहपुर जिले के खागा कोतवाली क्षेत्र से जुड़ा है, जहां वर्ष 2019 में यह घटना सामने आई थी और उसके बाद से मामला न्यायालय में विचाराधीन था।
घटना 8 अगस्त 2019 की है, जब पीड़िता के पिता ने पुलिस को शिकायत दी थी। शिकायत के मुताबिक, उनकी 6 वर्षीय बेटी शाम करीब 4 बजे शौच के लिए खेतों की ओर गई थी। उसी दौरान गांव के ही रहने वाले युवक, जो बच्ची का चचेरा भाई बताया गया, ने उसके साथ दुष्कर्म किया।
पीड़िता के पिता ने बताया कि जब वे भैंस चराकर लौट रहे थे, तब उन्हें बेटी की आवाज सुनाई दी। मौके पर पहुंचने पर आरोपी वहां से भागने लगा। पिता ने उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह धक्का देकर फरार हो गया। इसके बाद पुलिस में मामला दर्ज कराया गया और जांच शुरू हुई।
जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किया और अदालत में सुनवाई शुरू हुई। लगभग सात वर्षों तक चली इस प्रक्रिया में अदालत ने गवाहों के बयान, चिकित्सीय साक्ष्य और अन्य सबूतों का परीक्षण किया।
अंततः न्यायालय ने सभी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई और 28 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। यह फैसला समाज में ऐसे अपराधों के खिलाफ एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।
फतेहपुर में पॉक्सो कोर्ट का बड़ा फैसला, दोषी युवक को 20 साल की सजा


