फर्रुखाबाद। आर्मी वेलफेयर एजुकेशन सोसाइटी के स्थापना दिवस पर आर्मी पब्लिक स्कूल फतेहगढ़ में भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जहां शिक्षा, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के मूल्यों का संगम देखने को मिला। पूरे कार्यक्रम में सैनिकों के पाल्यों के सर्वांगीण विकास में AWES की भूमिका को प्रमुखता से रेखांकित किया गया।
विद्यालय परिसर में आयोजित विशेष प्रार्थना सभा के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जिसके बाद छात्रों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से यह दर्शाया कि किस प्रकार AWES सैनिक परिवारों के बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा से लेकर व्यावसायिक और तकनीकी शिक्षा तक मजबूत आधार प्रदान कर रही है। प्रस्तुति ने उपस्थित जनों को भावुक भी किया और गर्व से भर दिया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में छात्राओं का समूह नृत्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जिसमें ‘टुकड़ा-टुकड़ा सी करके सपना एक बनाया’ गीत पर मनमोहक प्रदर्शन कर सभी का दिल जीत लिया गया। कक्षा 12 ‘अ’ की छात्रा आरजू राठौर ने AWES की उपलब्धियों और शिक्षा क्षेत्र में उसके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि यह संस्था देशभर में हजारों सैनिक परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करा रही है।
इसी क्रम में कक्षा 12 की छात्रा आराध्या सिंह ने रामधारी सिंह दिनकर की प्रसिद्ध कविता ‘नित जीवन के संघर्षों से जब टूट चुका हो अन्तर्मन’ का ओजपूर्ण पाठ कर माहौल को प्रेरणादायक बना दिया। छात्रों द्वारा प्रस्तुत विद्यालय गीत ने पूरे कार्यक्रम में ऊर्जा और समर्पण का भाव भर दिया।
कार्यक्रम के दौरान बास्केटबॉल एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया, जिसमें छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इन गतिविधियों के माध्यम से छात्रों में प्रतिस्पर्धा की भावना के साथ टीमवर्क और नेतृत्व कौशल को भी बढ़ावा मिला।
कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय के कार्यवाहक प्रधानाचार्य नितिन चतुर्वेदी ने छात्रों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि AWES का यह प्रयास विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता विकसित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
विद्यालय के चेयरमैन ब्रिगेडियर मनीष कुमार जैन, सिखलाई रेजिमेंट सेंटर फतेहगढ़ ने अपने संदेश में कहा कि AWES शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रही है और यह संस्था सैनिकों के पाल्यों के उज्ज्वल भविष्य निर्माण की मजबूत आधारशिला है।
कार्यक्रम की सफलता में डॉ. अंजना चौहान, पूर्णिमा अग्निहोत्री, डॉ. नैन्सी, डॉ. शिवाली वर्मा, डॉ. सुनील कुमार त्रिपाठी सहित विद्यालय के शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिनके समर्पण से यह आयोजन यादगार बन गया।


