लखनऊ में बिजली की बढ़ती मांग के बीच अब ऊर्जा आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिखी जा रही है। कभी बिजली बिल की चिंता से जूझने वाले हजारों लोग अब अपने घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाकर खुद बिजली उत्पादन कर रहे हैं। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना (पीएमएसजीवाई) इस बदलाव का मुख्य आधार बन गई है।
जिले में प्रतिदिन करीब 1500 मेगावाट बिजली की मांग रहती है, लेकिन इसमें लगभग 20 प्रतिशत बिजली अब घरों की छतों पर लगे सोलर पैनलों से तैयार की जा रही है। कुल 92,049 उपभोक्ताओं के घरों में सोलर सिस्टम स्थापित हो चुके हैं, जिससे बिजली ग्रिड पर निर्भरता कम हो रही है।
उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीनेडा) के अनुसार, केवल लखनऊ में ही सोलर संयंत्रों से 328.276 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि शहर में नवीकरणीय ऊर्जा तेजी से मुख्यधारा में शामिल हो रही है।
पिछले तीन वर्षों में सोलर पैनल लगाने की रफ्तार भी काफी तेज रही है। 2024-25 में 8,346 उपभोक्ताओं ने, 2025-26 में 24,461 ने और 2026-27 में 81,242 लोगों ने अपने घरों पर सोलर पैनल लगवाए हैं। इस योजना के तहत भारी संख्या में लोग आवेदन कर रहे हैं।
पीएम सूर्य घर योजना के तहत सरकार की ओर से सब्सिडी भी दी जा रही है, जिसमें एक किलोवाट पर 45 हजार रुपये, दो किलोवाट पर 90 हजार रुपये और 3 से 5 किलोवाट पर 1.08 लाख रुपये तक की सहायता शामिल है। साथ ही बैंक से कम ब्याज पर लोन की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे आम लोग आसानी से सोलर सिस्टम लगवा रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार, योजना से उपभोक्ताओं को प्रति माह करीब 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिल रही है, जिससे उनका बिजली बिल काफी हद तक कम या शून्य हो गया है। इसके अलावा 1825 किसान पीएम कुसुम योजना के तहत सोलर पंप से सिंचाई कर रहे हैं, जिससे कृषि क्षेत्र में भी बिजली पर निर्भरता कम हो रही है।


