फर्रुखाबाद। जिले में लगातार बढ़ती गर्मी ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। अप्रैल माह में ही जून जैसी तपिश महसूस होने लगी है, जिससे आमजन बेचैन नजर आ रहे हैं। सुबह से ही उमस भरा वातावरण लोगों को परेशान कर रहा है और दिन चढ़ते ही हालात और भी मुश्किल हो जाते हैं।
सुबह 10 बजे के बाद तेज धूप लोगों के लिए आफत बन रही है। सड़कें सूनी नजर आने लगी हैं और बाजारों में भी सन्नाटा पसरा हुआ है। लोग अत्यधिक गर्मी से बचने के लिए घरों में ही रहने को मजबूर हैं। वहीं, इस भीषण गर्मी का असर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं बल्कि पशु-पक्षियों पर भी साफ देखा जा रहा है।
बीमारियों का बढ़ा खतरा
तेज गर्मी के चलते मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार इस मौसम में डायरिया, हैजा, मलेरिया और वायरल बुखार जैसी बीमारियों के फैलने की आशंका अधिक रहती है। गंदा पानी और खराब खानपान इन बीमारियों को और बढ़ावा दे सकते हैं।
मच्छरों का प्रकोप बढ़ा
गर्मी के साथ-साथ मच्छरों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है, जिससे मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों का खतरा मंडराने लगा है। जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
लोगों की अपील
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से पेयजल की समुचित व्यवस्था, साफ-सफाई और दवाओं के छिड़काव की मांग की है, ताकि लोगों को इस भीषण गर्मी से राहत मिल सके।
सावधानी ही बचाव
विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम में अधिक से अधिक पानी पीना, धूप में निकलने से बचना, हल्का भोजन करना और साफ-सफाई का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
हर रोज बढ़ रहा पारा, बाजारों में पसरा सन्नाटा, लोग गर्मी से बेहाल


