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Tuesday, April 28, 2026

सीमा-पार हथियार तस्करी नेटवर्क का खुलासा, दिल्ली को दहलाने की साजिश नाकाम, 9 गिरफ्तार

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नई दिल्ली: सुरक्षा एजेंसियों ने दिल्ली (Delhi) में एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया है। जांच एजेंसियां एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क (international network) की पड़ताल कर रही हैं, जिसके तार पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल से जुड़े बताए जा रहे हैं। इस कार्रवाई में कुल 9 संदिग्ध गुर्गों को गिरफ्तार किया गया है। उनके पास से 18 आधुनिक हथियार भी बरामद किए गए हैं। शुरुआती जांच के अनुसार, यह गिरोह सीमा पार संपर्कों के जरिए भारत में हथियारों की सप्लाई और नेटवर्क विस्तार की साजिश रच रहा था।

सूत्रों के मुताबिक, यह नेटवर्क हथियारों को मुंगेर के रास्ते अलग-अलग राज्यों में पहुंचाने की योजना बना रहा था। जांच एजेंसियां इस पूरे सप्लाई चैन की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं। इस मामले में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण के वांछित आरोपी शाहबाज अंसारी की भूमिका की भी जांच की जा रही है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि वह इस नेटवर्क से किस स्तर पर जुड़ा था। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे मामले को एक संगठित अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी नेटवर्क के रूप में देख रही हैं और इसके अन्य संभावित सदस्यों की तलाश जारी है।

नोएडा से सुरक्षा एजेंसियों द्वारा दो कथित गैंगस्टरों की गिरफ्तारी के बाद बड़ा खुलासा सामने आया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, दोनों आरोपियों के संबंध पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस से जुड़े होने का दावा किया जा रहा है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, ये आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए युवाओं को भड़काने, स्लीपर सेल तैयार करने और संवेदनशील स्थानों की रेकी करने में शामिल थे। सूत्रों का कहना है कि इस नेटवर्क का उद्देश्य देश की आंतरिक सुरक्षा को नुकसान पहुंचाना और संभावित रूप से टारगेट किलिंग जैसी घटनाओं को अंजाम देना था। हालांकि, अधिकारी अभी इन सभी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि कर रहे हैं और जांच जारी है। मामले के सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर निगरानी और सख्त कर दी है। संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों की जांच भी तेज कर दी गई है।

इस मामले में सीमा-पार हथियार तस्करी से जुड़े एक संदिग्ध नेटवर्क की जांच की जा रही है, जिसके तार पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल से जुड़े बताए जा रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने इस कार्रवाई में कुल 9 कथित गुर्गों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 18 आधुनिक हथियार भी बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह अवैध हथियारों की सप्लाई और वितरण नेटवर्क तैयार कर रहा था। सूत्रों के मुताबिक, यह गिरोह मुंगेर के रास्ते हथियारों को कई राज्यों तक पहुंचाने की योजना बना रहा था। एजेंसियां इस पूरे सप्लाई चैन और इसके पीछे मौजूद नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं।

मामले में अब शाहबाज अंसारी की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है। बताया जा रहा है कि वह पहले भी सिद्धू मूसेवाला मामले में हथियार सप्लाई से जुड़े एक केस में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण का वांछित आरोपी रहा है और उसका संबंध उत्तर प्रदेश के खुर्जा से बताया जाता है। यह घटनाक्रम पहलगाम आतंकी हमला 2025 की पहली बरसी के बाद सामने आया है, जो पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुआ था। उस हमले में 25 भारतीय नागरिकों और एक नेपाली नागरिक की मौत हुई थी।

बीते 24 अप्रैल को यूपी एटीएस ने नोएडा से दो कथित गैंगस्टरों को गिरफ्तार किया है, जिन पर पाकिस्तान में बैठे आकाओं और इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस के इशारे पर काम करने का आरोप है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तुषार चौहान (उर्फ हिज्बुल्लाह अली खान, 20 वर्ष) और समीर खान के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, दोनों को खुफिया इनपुट के आधार पर पकड़ा गया। कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से एक पिस्टल, जिंदा कारतूस और एक चाकू बरामद किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह गिरफ्तारी एक सुनियोजित ऑपरेशन का हिस्सा थी। एटीएस का दावा है कि दोनों संदिग्ध सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से संपर्क में रहकर निर्देश ले रहे थे और संभावित रूप से संवेदनशील स्थानों की रेकी और नेटवर्किंग में शामिल थे।

सूत्रों के मुताबिक, ये आरोपी इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए युवाओं को प्रभावित करने और उन्हें अपने नेटवर्क से जोड़ने की कोशिश कर रहे थे। जांच एजेंसियों का दावा है कि इसका मकसद एक संगठित ऑनलाइन नेटवर्क तैयार करना था। एटीएस के अनुसार, दोनों संदिग्ध कथित तौर पर स्लीपर सेल तैयार करने, संवेदनशील स्थानों की रेकी करने और टार्गेट किलिंग जैसी गतिविधियों की योजना में शामिल थे। जांच में यह भी सामने आया है कि इनका संपर्क शहजाद भट्टी और आबिद जट्ट जैसे नामों से जुड़े नेटवर्क के साथ बताया जा रहा है। हालांकि, एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि इन दावों की पुष्टि जांच के बाद ही की जाएगी। गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों के पास से पिस्टल, जिंदा कारतूस और चाकू बरामद किए गए थे।

 

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