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Tuesday, April 28, 2026

रामगंगा में बालक के डूबने की आशंका में चौथे दिन भी नहीं लगा सुराग,राआमो बल की खोजबीन जारी

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मिर्जापुर (शाहजहांपुर) शुक्रवार को परौर थाना क्षेत्र के ग्राम हैदलपुर निवासी भोगपाल के लापता हुए 11वर्षीय पुत्र अरुण का चौथे दिन भी को सुराग नहीं लगा है। बालक के रामगंगा में डूबने की आशंका में राज्य आपदा मोचन बल और स्थानीय गोताखोर लगातार खोजबीन कर रहे हैं।
मालूम हो कि बीते शुक्रवार को घर हैदलपुर निवासी भोगपाल का 11 वर्षीय पुत्र अरुण रामगंगा के किनारे पालेज की फसल देखने की कहकर घर से गया था। तब से उसका कोई पता नहीं चला है। लापता बालक के पिता ने पुलिस को बताया था कि ढूंढ़ने के क्रम में बाल की चप्पल और कपड़े रामगंगा के किनारे रखे मिले थे।
जिससे बालक के रामगंगा में डूबने की आशंका व्यक्त करते हुए परौर पुलिस को सूचना दी गई थी। पुलिस ने बालक को रामगंगा में ढूंढने के लिए राज्य आपदा मोचन बल के साथ ही स्थानीय गोताखोरों को नदी में उतारकर ढूंढा जा रहा है। पुलिस ने बताया राज्य आपदा मोचन बल के 14 आरक्षी और स्थानीय गोताखोर मोटर बोट से नदी में जाल और कांटा डालकर 20 किलोमीटर तक तलाश कर चुके हैं। फिर भी बालक का पता नहीं चला है।
बालक के लापता होने के चौथे दिन भी बालक का कोई पता नहीं चलने पर उसके मां,बाप और भाई बहनों का रो रो कर बुरा हाल है। वहीं ग्राम हैदलपुर सहित आसपास के गांवों में बालक के अचानक लापता होने के मामले में तरह तरह की चर्चाएं हैं।

शुक्रवार को 27 अप्रैल सोमवार। 24 अप्रैल को गांव के भोगपाल कश्यप के बेटा अरुण कुमार की चप्पल व कपड़े रामगंगा के किनारे रखे हुए मिले थे। अरुण के रामगंगा में डूबने की आशंका को लेकर राज्य आपदा मोचन बल एवं क्षेत्रीय गोताखोरों द्वारा राज आपदा मोचन बल के स्टीमरों द्वारा लगातार खोजि अभियान जारी है यह अभियान राज्य आपदा मोचन बल के उपनिरीक्षक अनिल कुमार के मार्गदर्शन में 14 आरक्षि रामगंगा में खोजि अभियान चला रहे हैं। आज क्षेत्रीय गोताखोरों द्वारा एवं राज आपदा मोचन बल के जवानों द्वारा रामगंगा में 20 किलोमीटर तक सर्च अभियान चलाया गया लेकिन टीम को कोई सफलता नहीं मिली। थाना परोर मुख्यालय पर रहकर सुबह से शाम तक इस खोजि अभियान को अंजाम दे रही है। खोजि अभियान के चार दिन बीतने के बाद भी राज्य आपदा मोचन बल एवं क्षेत्रीय गोताखोरों के हाथ खाली है। चार दिन व्यतीत होने के बाद भी अरुण का कोई सुरंग नहीं लग पाया है। अरुण के गम में माता-पिता भाई-बहन एवं परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है।

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