– माफिया तंत्र को फाइनेंसिंग
– सत्तारुण पार्टी की आड़ में उच्च अधिकारियों को भी किया जाता भ्रमित
फर्रुखाबाद। जनपद में सामाजिक जातीय संगठन और राजनीतिक पहचान की आड़ में महंगी जमीनों की दलाली, खरीद फरोख्त और कथित माफिया नेटवर्क को आर्थिक सहयोग के मामले में गैंग से जुड़े लोगों ने पर्दाफाश कर दिया है । खुद को “साफ-सुथरा” बताने वाला संगठित गिरोह खुलेआम जमीन के काले सौदों में बिचौलियागिरी कर रहा है और अंदरखाने बड़े स्तर पर फाइनेंसिंग का खेल खेल रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, यह पूरा नेटवर्क “सफेदपोश” नेता के संरक्षण में फल-फूल रहा है, जो अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर प्रशासनिक तंत्र को भ्रमित करने में भी पीछे नहीं है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह गैंग प्रदेश के बेदाग और प्रभावशाली मंत्री की छवि का भी इस्तेमाल ढाल के रूप में कर रहा है, जिससे कार्रवाई की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।और खुद अगला चुनाव भी लड़ने के सपने बुन रहा है।
मामले में बड़ा मोड़ तब आया जब इसी नेटवर्क से जुड़े कुछ सदस्यों ने अंदरूनी जानकारी विधिक तौर पर उजागर कर दी। सूत्रों का दावा है कि इस गैंग के पास जमीन सौदों, एग्रीमेंट, और पैसों के लेन-देन से जुड़े अहम दस्तावेज मौजूद हैं, जो पूरे खेल को बेनकाब कर सकते हैं।
बताया जा रहा है कि यह मामला अब जनपद की सीमा पार कर राजधानी लखनऊ तक पहुंच चुका है और उच्च स्तर पर इसकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। यदि जांच निष्पक्ष हुई तो कई और नामों का सामने आना तय माना जा रहा है।
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि गैंग के प्रभाव के चलते कई बार शिकायतों को दबा दिया गया या जांच को भटका दिया गया। यही कारण है कि अब जब अंदरूनी लोग ही खुलासा कर रहे हैं, तो प्रशासन पर निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है। यूथ इंडिया की पड़ताल जारी है संबंधित साक्ष्य और विसात के खिलाड़ियों के सचित्र प्रसारण भी शीघ्र सामने होंगे।


