– गलत ब्यौरों पर कड़ी कार्रवाई
– 6 जून तक UMEED पोर्टल पर आखिरी मौका
लखनऊ। प्रदेश में वक्फ संपत्तियों को लेकर बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने 12,135 पंजीकरण एक झटके में निरस्त कर दिए हैं। जांच में सामने आया कि बड़ी संख्या में संपत्तियों के रिकॉर्ड में गलत, अधूरे और संदिग्ध ब्यौरे दर्ज थे, जिसके बाद यह सख्त फैसला लिया गया।
प्रदेश में कुल करीब 1.26 लाख वक्फ संपत्तियां पंजीकृत हैं। इनमें से हजारों मामलों में जमीन के क्षेत्रफल, स्वामित्व और उपयोग को लेकर गड़बड़ी पाई गई। कई जगह एक ही संपत्ति को अलग-अलग तरीके से दर्ज किया गया, जबकि कुछ मामलों में कागज और जमीन की वास्तविक स्थिति में बड़ा अंतर सामने आया।
सबसे ज्यादा कार्रवाई राजधानी लखनऊ में हुई, जहां 1,114 पंजीकरण निरस्त किए गए। इसके बाद बिजनौर में 1,003, सहारनपुर में 990, बाराबंकी में 577, अमरोहा में 86, बागपत में 60 और बरेली में 17 पंजीकरण खारिज किए गए। ये आंकड़े साफ बताते हैं कि गड़बड़ी का दायरा कितना बड़ा था।
पूरी प्रक्रिया में केंद्र सरकार के UMEED पोर्टल के जरिए पंजीकरण और सत्यापन किया जा रहा है। बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि 6 जून तक का समय अंतिम है, इसके बाद गलत या अधूरे दस्तावेजों वाले मामलों पर कोई राहत नहीं मिलेगी।
इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। जिन संपत्तियों का पंजीकरण निरस्त हुआ है, उनकी जमीनी स्थिति और उपयोग की भी जांच हो सकती है। इससे आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे संभव हैं।
यूपी में वक्फ संपत्तियों पर यह अब तक की सबसे बड़ी सफाई अभियान जैसी कार्रवाई है। साफ संदेश है अब कागजों में खेल नहीं चलेगा। जो रिकॉर्ड सही नहीं, वह सिस्टम से बाहर होगा।
यूपी में वक्फ संपत्तियों पर बड़ा एक्शन 12,135 पंजीकरण निरस्त


