इटावा। न्यायिक व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में इटावा जिला बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी में सात महिला अधिवक्ताओं को मनोनीत किया गया। इस निर्णय को अधिवक्ता समाज में एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है, जिससे महिलाओं की भागीदारी और सशक्तिकरण को मजबूती मिलेगी।
मनोनीत की गई महिला अधिवक्ताओं में नेहा सिंह, गोपा शुक्ला, अर्चना शाक्य, श्वेता शर्मा, निधि पाल, पुष्पा कुशवाहा और प्रीति चौहान के नाम शामिल हैं। इससे पहले अधिवक्ता रीना यादव मध्यम उपाध्यक्ष पद पर निर्वाचित होकर पहले ही कार्यकारिणी में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुकी हैं। इस प्रकार अब बार एसोसिएशन में महिला प्रतिनिधित्व और अधिक सशक्त रूप में सामने आया है।
इस अवसर पर नए अधिवक्ता भवन के प्रथम तल पर एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें वरिष्ठ अधिवक्ता साकेत शुक्ला के नेतृत्व में सभी मनोनीत महिला अधिवक्ताओं को सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान अधिवक्ताओं ने महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को न्यायिक प्रणाली के लिए आवश्यक बताते हुए कहा कि इससे न्याय व्यवस्था में संवेदनशीलता और संतुलन दोनों को मजबूती मिलेगी।
कार्यक्रम में अश्वनी सिंह, राजीव चौधरी, दयाशंकर शुक्ला, आशीष तिवारी, मनोज दीक्षित और उपेंद्र सिंह सहित अनेक अधिवक्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में महिला अधिवक्ताओं को शुभकामनाएं दीं और आशा व्यक्त की कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और दक्षता के साथ करेंगी। समारोह का वातावरण उत्साह और सम्मान से भरा रहा, जो इटावा बार एसोसिएशन में एक नए और समावेशी अध्याय की शुरुआत का संकेत दे रहा है।


