कोलकाता । पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हुगली नदी में की गई नाव सवारी को लेकर तीखा हमला बोलते हुए इसे चुनावी मुद्दा बना दिया है। एक बड़ी चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि प्रधानमंत्री हुगली में नाव की सवारी इसलिए कर पाए क्योंकि राज्य सरकार ने नदी को साफ और स्वच्छ रखा है, जबकि दिल्ली की यमुना नदी की हालत इतनी खराब है कि वहां इस तरह की सवारी संभव नहीं है।
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि हुगली नदी के किनारों को सुंदर और स्वच्छ बनाने के लिए लगातार प्रयास किए गए हैं, जिसका परिणाम आज साफ दिखाई दे रहा है। उन्होंने इसे राज्य सरकार की उपलब्धि बताते हुए पर्यावरण और सफाई के क्षेत्र में बंगाल को एक उदाहरण के रूप में पेश किया।
महिला सुरक्षा के मुद्दे पर प्रधानमंत्री के दावों का जवाब देते हुए ममता बनर्जी ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को खुद पश्चिम बंगाल की सड़कों पर घूमकर हालात देखने चाहिए। ममता ने दावा किया कि बंगाल के शहरों और ग्रामीण इलाकों में महिलाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं। इसके विपरीत उन्होंने उत्तर प्रदेश और दिल्ली जैसे भाजपा शासित राज्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां महिलाओं के खिलाफ अपराध की घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं। उन्होंने हाथरस और दिल्ली की घटनाओं का जिक्र करते हुए यह भी सवाल उठाया कि मणिपुर में हो रही हिंसा पर प्रधानमंत्री चुप क्यों हैं।
चुनावी प्रक्रिया को लेकर भी ममता बनर्जी ने भाजपा और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन के कारण आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ममता ने दावा किया कि इस प्रक्रिया के तनाव के चलते पिछले कुछ महीनों में 300 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। उन्होंने मतदान केe दौरान लाइन में लगे चार लोगों की मौत का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया कि करीब 32 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। इस मुद्दे को लेकर उन्होंने न्यायालय का रुख करने की बात कही।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी ममता बनर्जी ने तीखा हमला बोला। उन्होंने शाह के उस कथित बयान पर कड़ा ऐतराज जताया, जिसमें कहा गया था कि चुनाव परिणाम के बाद विरोधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ममता ने सवाल उठाया कि क्या कोई केंद्रीय मंत्री इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विपक्षी नेताओं को डराने और दबाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है।
अपने संबोधन में ममता बनर्जी ने तंज भरे अंदाज में यह भी कहा कि जो लोग बंगाल के खान-पान और संस्कृति पर सवाल उठाते हैं, उनके लिए वह खुद पारंपरिक मछली का व्यंजन बनाकर भेजेंगी। उन्होंने कहा कि बंगाल अपनी मेहमाननवाजी और सांस्कृतिक विविधता के लिए जाना जाता है, जिसे कोई भी राजनीतिक ताकत कमजोर नहीं कर सकती।


