लखनऊ। आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने विकास कार्यों को तेज करने की कवायद शुरू कर दी है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में पूंजीगत परिव्यय के तहत रखे गए 1.78 लाख करोड़ रुपये से होने वाले कार्यों को समय पर शुरू कराने के लिए सभी विभागों को शीघ्र कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार विशेष रूप से 43,565 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित नई योजनाओं को दिसंबर से पहले हर हाल में शुरू कराने की तैयारी में है। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने स्पष्ट किया है कि योजनाओं की स्वीकृति और धनराशि जारी करने की प्रक्रिया में देरी न हो, इसके लिए विभागों को तेजी से प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है।
दरअसल, निर्वाचन आयोग द्वारा अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव की अधिसूचना दिसंबर में जारी किए जाने की संभावना है। अधिसूचना लागू होने के बाद नई योजनाओं की शुरुआत पर रोक लग जाती है। ऐसे में इस बार विभागों के पास योजनाओं की स्वीकृति, बजट आवंटन और कार्य प्रारंभ करने के लिए सामान्य से करीब तीन महीने कम समय रहेगा।
गौरतलब है कि प्रदेश सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में कुल 2.48 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जिसमें से 1.78 लाख करोड़ रुपये विकास कार्यों के लिए निर्धारित हैं। शेष राशि कर्ज और अग्रिम भुगतान में खर्च की जाएगी। सरकार की प्राथमिकता है कि नई योजनाओं के लिए निर्धारित बजट का समयबद्ध और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि चुनाव से पहले अधिक से अधिक विकास कार्य धरातल पर दिखाई दे सकें।


