औरैया। जनपद में राजनीतिक रंजिश एक बार फिर खुलकर सामने आई है, जहां भाजपा से जुड़े ग्राम प्रधान को जान से मारने की धमकी दिए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में पुलिस ने सपा नेता सहित 22 लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है, जबकि पुलिस प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए सतर्कता बढ़ा दी है।
जानकारी के अनुसार, जिले के एक गांव के ग्राम प्रधान और भाजपा नेता मोहित सिंह ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने बताया कि बीते 18 फरवरी 2026 को उनका भाई धर्मवीर सिंह अपने रिश्तेदार को औरैया छोड़ने के बाद वापस लौट रहा था। इसी दौरान उमसाना गांव के पास पहले से घात लगाए बैठे सपा नेता धर्मेंद्र यादव और उनके साथियों ने उसे रोक लिया।
आरोप है कि आरोपियों ने धर्मवीर सिंह के साथ गाली-गलौज की और खुलेआम जान से मारने की धमकी दी। विरोध करने पर स्थिति और तनावपूर्ण हो गई, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। किसी तरह पीड़ित मौके से निकलकर घर पहुंचा और पूरी घटना की जानकारी परिवार को दी। इसके बाद ग्राम प्रधान मोहित सिंह ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक से करते हुए कार्रवाई की मांग की।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि यह घटना केवल धमकी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरी राजनीतिक रंजिश है। ग्राम प्रधान ने आशंका जताई है कि उनकी या उनके परिवार के किसी सदस्य के साथ कभी भी कोई बड़ी घटना हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा मुहैया कराने की भी मांग की है।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सपा नेता धर्मेंद्र यादव समेत कुल 22 नामजद और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में हलचल तेज हो गई है। स्थानीय लोगों में भी इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
इस पूरे प्रकरण ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या स्थानीय स्तर पर राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता अब व्यक्तिगत दुश्मनी में बदलती जा रही है। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और सभी की निगाहें आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।


