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Thursday, April 23, 2026

भीषण आग से दर्जनभर झोपड़ियां खाक, हजारों की नगदी और लाखों का सामान जलकर राख

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शमशाबाद, फर्रुखाबाद। भीषण गर्मी और तेज पछुआ हवाओं के बीच विकासखंड शमशाबाद क्षेत्र के ग्राम समोचीपुर चितार में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक अग्निकांड ने गरीब किसानों की जिंदगी को झकझोर कर रख दिया। अज्ञात कारणों से लगी आग ने देखते ही देखते करीब एक दर्जन झोपड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे हजारों रुपये की नगदी और लाखों रुपये का घर-गृहस्थी का सामान जलकर खाक हो गया।

आगजनी की इस घटना के बाद गांव में चीख-पुकार मच गई और पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। घटना की सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।

खेतों में थे लोग, गांव में मच गया हड़कंप

बताया गया है कि गुरुवार सुबह करीब 9 बजे गांव के अधिकांश लोग गेहूं की कटाई के लिए खेतों में गए हुए थे, जबकि कुछ लोग मजदूरी पर बाहर थे। इसी दौरान अचानक एक झोपड़ी में आग लग गई, जो तेज हवा के कारण तेजी से फैलती चली गई। जब ग्रामीणों ने धुएं और आग की लपटों को देखा तो हड़कंप मच गया।

लोग काम छोड़कर गांव की ओर दौड़े, लेकिन तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी। आग का नजारा देख ग्रामीणों का कलेजा मुंह को आ गया।

ग्रामीणों ने दिखाई बहादुरी, गंगा से लाया पानी

आग बुझाने के लिए ग्रामीणों ने हिम्मत का परिचय देते हुए लगभग 500 मीटर दूर गंगा नदी से पाइप डालकर डीजल इंजन के सहारे पानी पहुंचाया और आग बुझाने का प्रयास किया।

फायर ब्रिगेड को भी सूचना दी गई थी, लेकिन किसी कारणवश दमकल की गाड़ी समय पर नहीं पहुंच सकी। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक सब कुछ जलकर राख हो चुका था।

खुश मोहम्मद को सबसे ज्यादा नुकसान

इस अग्निकांड में सबसे अधिक नुकसान खुश मोहम्मद पुत्र शाहनवाज का हुआ। बताया गया कि उन्होंने हाल ही में तरबूज की फसल बेचकर लगभग ₹80,000 घर में रखे थे, जो जलकर खाक हो गए। इसके अलावा करीब 40 कुंतल गेहूं, आटा चक्की और पूरा घरेलू सामान भी नष्ट हो गया।

घटना के समय खुश मोहम्मद खेत में थे और उनकी पत्नी तरजीना भी खेतों में काम कर रही थीं। घर पर कोई नहीं था, जिससे नुकसान और अधिक हो गया।

कई परिवारों की उजड़ी गृहस्थी

आग में नौशाद, शमशाद, रुखसार, मैसाद, हसीन, शाहरुख सेन सहित कई अन्य ग्रामीणों की झोपड़ियां जल गईं। झोपड़ियों में रखा राशन, गेहूं, चावल, रजाई, गद्दे, बिस्तर, पशुओं का चारा और भूसा सब जलकर नष्ट हो गया।

अधिकांश परिवारों की ₹5,000 से ₹10,000 तक की नगदी भी आग में जल गई। वहीं एक परिवार की भैंस और एक पड़िया लगभग 80 प्रतिशत तक झुलस गईं।

पुलिस और प्रशासन मौके पर

घटना की सूचना मिलते ही थाना अध्यक्ष रमेश सिंह पाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ मिलकर आग बुझाने में सहयोग किया। ग्राम प्रधान सिजवान ने भी प्रशासनिक अधिकारियों को घटना की सूचना दी।

ग्राम प्रधान के अनुसार, आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि चूल्हे की राख से निकली चिंगारी के कारण आग लगी हो सकती है।

किसानों पर दोहरी मार

ग्रामीणों का कहना है कि पहले बेमौसम बारिश और तूफानी हवाओं ने उनकी फसलों को नुकसान पहुंचाया, और अब इस आगजनी की घटना ने उनकी बची-खुची उम्मीदें भी छीन ली हैं।

पीड़ित परिवार दहाड़े मारकर रोते नजर आए। उनका कहना था कि “क्या कुदरत को यही मंजूर था?”

प्रशासन से मदद की उम्मीद

घटना के बाद पीड़ित परिवार अब प्रशासन से मदद की आस लगाए बैठे हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि उन्हें जल्द से जल्द आर्थिक सहायता और राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे फिर से अपनी जिंदगी पटरी पर ला सकें।

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