हमीरपुर
कलेक्ट्रेट परिसर में मंगलवार को सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन कर्मचारी पेंशनर्स संघ के बैनर तले किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में पेंशनर्स शामिल हुए और अपनी लंबित मांगों को लेकर आवाज उठाई।
धरने के दौरान पेंशनर्स ने पुरानी पेंशन बहाली समेत 10 सूत्रीय मांगों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपने की कोशिश की, लेकिन जिलाधिकारी के कार्यालय में मौजूद न होने के कारण ज्ञापन नहीं दिया जा सका।
पेंशनर्स कलेक्ट्रेट के गोल चबूतरे पर एकत्र हुए और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि आठवें वेतन आयोग में पुराने पेंशनर्स को भी शामिल किया जाए और उनकी समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए।
पेंशनर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष श्यामचरण साहू ने कहा कि वे लोग ज्ञापन सौंपने पहुंचे थे, लेकिन जिलाधिकारी अनुपस्थित थे। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान अपर जिलाधिकारी और एसडीएम वहां से गुजरे, लेकिन उन्होंने रुककर ज्ञापन लेना उचित नहीं समझा।
इसी तरह जिला उपाध्यक्ष रघुवर प्रसाद ने कहा कि अगर जिलाधिकारी मौजूद नहीं थे तो कम से कम अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को ज्ञापन स्वीकार करना चाहिए था। उन्होंने बताया कि यह ज्ञापन प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को भेजा जाना था, जिसमें पेंशनर्स की प्रमुख मांगें शामिल थीं।
धरना दे रहे पेंशनर्स ने अधिकारियों के रवैये पर नाराजगी जताई और कहा कि इससे वरिष्ठ नागरिकों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों का मनोबल प्रभावित हुआ है। उनका आरोप है कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है, जिससे असंतोष बढ़ रहा है।


