लखनऊ: राजधानी में रविवार को आयोजित भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने देश की सांस्कृतिक विरासत, सनातन आस्था और आधुनिक विकास के समन्वय पर जोर देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत एक नए युग की ओर अग्रसर है, जहां परंपरा और प्रगति साथ-साथ चल रही हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सदियों तक विदेशी आक्रांताओं ने भारत की सांस्कृतिक पहचान और धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया, लेकिन सनातन आस्था कभी कमजोर नहीं पड़ी। उन्होंने “यतो धर्मस्ततो जयः” का उल्लेख करते हुए कहा कि आज भारत अपनी उसी आस्था और स्वाभिमान के बल पर पुनः वैश्विक मंच पर मजबूती से स्थापित हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने सोमनाथ टेम्पल के ऐतिहासिक पुनरुत्थान का जिक्र करते हुए भारत के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल और पहले राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद केवल राजनीतिक आजादी ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक स्वाधीनता के लिए भी संघर्ष किया गया और सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण उसी संकल्प का प्रतीक है।
सीएम योगी ने अपने संबोधन में अयोध्या में बने भव्य राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम और अन्य धार्मिक स्थलों के विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज भारत की पहचान उसकी सांस्कृतिक शक्ति और आध्यात्मिक विरासत से भी बन रही है। उन्होंने कहा कि एक समय था जब इन कार्यों की कल्पना करना भी कठिन था, लेकिन आज यह सब साकार हो चुका है।
उन्होंने यह भी कहा कि सनातन संस्कृति पर हुए हमलों के बावजूद भारत की आस्था कभी पराजित नहीं हुई। आज वही आस्था “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” के रूप में जन-जन तक पहुंच रही है, जो देश की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, महापौर सुषमा खर्कवाल सहित कई मंत्री, जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और नागरिक भी शामिल हुए, जिन्होंने यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।


