29 C
Lucknow
Sunday, April 19, 2026

10 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख, मुआवजे को लेकर प्रशासन पर उठे सवाल

Must read

 

 

औरैया। जनपद के कुदरकोट थाना क्षेत्र अंतर्गत गढ़वाना मार्ग स्थित बरुआ गांव के पास उस समय अफरा-तफरी मच गई जब अचानक गेहूं के खेतों में भीषण आग भड़क उठी। रविवार दोपहर लगभग 12:30 बजे लगी इस आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास के खेतों को अपनी चपेट में लेते हुए करीब 10 बीघा खड़ी फसल को पूरी तरह जलाकर राख कर दिया। खेतों में मौजूद किसानों ने जैसे ही धुआं और आग की लपटें उठती देखीं, तो वहां हड़कंप मच गया और लोग जान बचाने के साथ-साथ आग बुझाने के प्रयास में जुट गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तेज हवा के कारण आग तेजी से फैलती चली गई, जिससे स्थिति और भी भयावह हो गई। ग्रामीणों ने बाल्टियों, पानी के पाइप और अन्य साधनों की मदद से आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी भीषण थी कि उस पर काबू पाना आसान नहीं था। सूचना मिलते ही डायल 112 पुलिस और कुदरकोट थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना अध्यक्ष अमर बहादुर सिंह ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत फायर ब्रिगेड को बुलाया, जिसके बाद दमकल विभाग, पुलिस और ग्रामीणों के संयुक्त प्रयासों से काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
इस भीषण अग्निकांड में सुनीता देवी पत्नी राजाराम की चार बीघा, अमर सिंह पुत्र न्यारेलाल की चार बीघा और वीरेंद्र पुत्र अतर सिंह की दो बीघा गेहूं की फसल पूरी तरह जलकर नष्ट हो गई। बताया जा रहा है कि फसल पूरी तरह पककर कटाई के लिए तैयार थी और किसान जल्द ही उसकी कटाई करने वाले थे, लेकिन अचानक लगी आग ने उनकी महीनों की मेहनत को कुछ ही पलों में राख में बदल दिया। इस नुकसान से प्रभावित किसानों के सामने अब आर्थिक संकट गहरा गया है और उनके परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट भी खड़ा हो गया है।
घटना के बाद ग्रामीणों ने राजस्व विभाग को सूचना देने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि संबंधित लेखपाल का फोन स्विच ऑफ मिला, जिससे मौके पर समय रहते प्रशासनिक सहायता नहीं मिल सकी। इस लापरवाही को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। किसानों का कहना है कि यदि समय पर प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच जाता, तो शायद नुकसान को कुछ हद तक कम किया जा सकता था।
घटना के बाद पीड़ित किसानों ने प्रशासन से तत्काल नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकार को ऐसी आपदा की स्थिति में किसानों की मदद के लिए त्वरित कदम उठाने चाहिए, ताकि उन्हें आर्थिक रूप से राहत मिल सके। वहीं स्थानीय प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है और नुकसान का आकलन कर शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी, जिसके आधार पर प्रभावित किसानों को राहत दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article