शटर गिराकर अंदर बैठे डॉक्टर, रजिस्ट्रेशन को लेकर फिर उठे सवाल
फर्रुखाबाद जनपद के कस्बा राजपुर में रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ओम पॉलीक्लिनिक पर अचानक छापा मार दिया। डीओ के नेतृत्व में पहुंची टीम की कार्रवाई की खबर फैलते ही आसपास के क्लीनिक और मेडिकल स्टोर संचालकों में हड़कंप मच गया और कई लोगों ने आनन-फानन में अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए।
बताया जा रहा है कि टीम के पहुंचते ही ओम पॉलीक्लिनिक के बाहर वाहन खड़ा कर अधिकारी अंदर गए, इसी दौरान क्लीनिक संचालक डॉ. संजय बंगाली ने शटर नीचे गिरा दिया। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर चर्चाएं तेज रहीं कि शटर बंद होने के बाद अंदर कुछ संदिग्ध गतिविधि हुई हो सकती है।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले सीएमओ की छापेमारी के दौरान यह जानकारी सामने आई थी कि ओम पॉलीक्लिनिक का रजिस्ट्रेशन आयुर्वेद-यूनानी पद्धति में है, जबकि यहां अन्य प्रकार का उपचार किए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। इसी मामले को लेकर रविवार को दोबारा डीओ द्वारा कार्रवाई की गई।
लगातार छापेमारी के बावजूद क्लीनिक का संचालन जारी रहने से स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायतों और छापों के बाद भी यदि कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती, तो इससे विभाग की निष्पक्षता पर संदेह पैदा होता है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस मामले में आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।


