छापेमारी और मारपीट से डरा परिवार, गांव छोड़ने का लिया फैसला
फतेहपुर
जिले में एक साधारण चाय दुकानदार के साथ घटी घटनाओं ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली और सामाजिक माहौल पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला उस समय चर्चा में आया जब स्थानीय दुकानदार शेषमणि यादव ने कुछ समय पहले समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव को अपनी दुकान पर चाय पिलाई थी। यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और देखते ही देखते दुकानदार सुर्खियों में आ गया, लेकिन इसके बाद से ही उसकी परेशानियां बढ़ने का सिलसिला शुरू हो गया।
दुकानदार का आरोप है कि चाय पिलाने की घटना के बाद से ही उसे लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। हाल ही में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने उसकी दुकान पर छापेमारी करते हुए चाय और दूध के नमूने लिए और उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा। इसके अगले ही दिन कुछ दबंगों द्वारा दुकानदार के साथ मारपीट की घटना सामने आई, जिससे वह और उसका परिवार भयभीत हो गया।
घटना के बाद पीड़ित दुकानदार के पुत्र ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर जानकारी दी कि अब वे लोग अपनी दुकान बंद कर गांव छोड़ने को मजबूर हैं। परिवार का कहना है कि लगातार हो रही घटनाओं से उनकी सुरक्षा को खतरा महसूस हो रहा है और प्रशासन से उन्हें पर्याप्त संरक्षण नहीं मिल पा रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मारपीट के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है और आगे की जांच जारी है। हालांकि, दुकानदार का आरोप है कि पूरी घटना के पीछे राजनीतिक कारण हैं और उसे जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। इस प्रकरण ने स्थानीय स्तर पर तनाव का माहौल बना दिया है और प्रशासन पर निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने का दबाव बढ़ गया है।


