यूपी में कनेक्टिविटी और धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
लखनऊ/नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश की परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा फैसला लेते हुए गाजियाबाद से सीतापुर के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने की महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी दे दी है। करीब 14,926 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाली यह परियोजना अगले चार वर्षों में पूरी की जाएगी। इस फैसले से न केवल यात्रियों को तेज और सुगम यात्रा का लाभ मिलेगा, बल्कि प्रदेश में धार्मिक पर्यटन और औद्योगिक गतिविधियों को भी नया प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
सरकार के इस निर्णय से दिल्ली, उत्तराखंड, पंजाब, जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर राज्यों की ओर जाने वाली ट्रेनों की आवाजाही और अधिक सुचारू हो सकेगी। वर्तमान में गाजियाबाद से सीतापुर के बीच केवल दो रेल लाइनें होने के कारण ट्रेनों को बीच-बीच में रुकना पड़ता है, जिससे समय की काफी बर्बादी होती है। नई लाइनों के निर्माण से इस समस्या का समाधान होगा और ट्रेनों की रफ्तार में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
इस परियोजना का एक बड़ा फायदा धार्मिक पर्यटन को मिलेगा। हरिद्वार और नैमिषारण्य जैसे प्रमुख तीर्थ स्थलों तक पहुंच आसान और तेज हो जाएगी, जिससे देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा होने की संभावना है। इसके साथ ही स्थानीय व्यापार, होटल और परिवहन क्षेत्र को भी सीधा लाभ मिलेगा।
रेलवे सूत्रों के अनुसार, इस नई लाइन के बनने से माल ढुलाई क्षमता में भी जबरदस्त इजाफा होगा। अनुमान है कि हर साल करीब 36 मिलियन टन अतिरिक्त माल परिवहन संभव हो सकेगा, जिससे औद्योगिक क्षेत्रों को बड़ी राहत मिलेगी और लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आएगी।
कुल मिलाकर, यह परियोजना उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे को मजबूती देने, रोजगार के नए अवसर पैदा करने और राज्य की आर्थिक प्रगति को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।


