उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर एक जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। शुक्रवार को विकास भवन सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं ने हिस्सा लिया और प्रेस वार्ता के माध्यम से अधिनियम की विशेषताओं व इसके उद्देश्यों की जानकारी दी। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और राजनीति में उनकी भागीदारी को बढ़ावा देना रहा।
कार्यक्रम में बताया गया कि भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित इस अधिनियम के तहत लोकसभा और विधानसभा चुनावों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य राजनीतिक क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को मजबूत करना और उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में अधिक सक्रिय बनाना है। वक्ताओं ने कहा कि यह कदम महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
इस दौरान उपस्थित वक्ताओं ने जोर दिया कि देशभर में ऐसे जागरूकता अभियान इसलिए चलाए जा रहे हैं ताकि महिलाएं अपने अधिकारों को बेहतर तरीके से समझ सकें और राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा सकें। डॉक्टर अर्तिमा गुप्ता ने कहा कि सरकार का यह निर्णय सराहनीय है, लेकिन वास्तविक सशक्तिकरण तभी संभव है जब महिलाएं स्वयं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हों और आगे आएं।
उन्होंने यह भी बताया कि यह अधिनियम वर्ष 2029 से लागू होने का प्रस्ताव है, जिसके बाद चुनावों में महिलाओं की 33 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। उनका कहना था कि यह पहल महिलाओं को राजनीति की मुख्यधारा से जोड़ने और समाज में उनकी भूमिका को और मजबूत करने में अहम साबित होगी।
कार्यक्रम में भाजपा महिला मोर्चा के कई पदाधिकारी और अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। इस दौरान महिलाओं के अधिकार, राजनीतिक भागीदारी और सामाजिक सशक्तिकरण को लेकर विस्तार से चर्चा की गई, जिससे उपस्थित लोगों में जागरूकता और उत्साह देखने को मिला।


