– हाईकोर्ट में सुनवाई की तारीख तय—महिला मोर्चा पूर्व जिलाध्यक्ष की बढ़ेगी मुश्किल
कन्नौज। राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में 80 करोड़ के बड़े वित्तीय घोटाले की गूंज तेज हो गई है। जिले के गांव चपुन्ना में फर्जी कंस्ट्रक्शन फर्म बनाकर करीब 80 करोड़ रुपये के घोटाले को अंजाम देने का गंभीर आरोप लगाया गया है। शिकायत में सीधे तौर पर एक प्रभावशाली महिला नेता नेहा त्रिपाठी आदि के नाम सामने आने से मामला और भी संवेदनशील हो गया है।
दस्तावेज के अनुसार, शिकायतकर्ता मनोज अग्निहोत्री ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2021 में इस पूरे प्रकरण को अंजाम दिया गया, जिसमें फर्जी कंपनी बनाकर सरकारी और निजी स्तर पर वित्तीय अनियमितताएं की गईं। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायतकर्ता ने पहले भी संबंधित थाने में शिकायत दी थी, लेकिन स्थानीय स्तर पर कार्रवाई ठंडे बस्ते में डाल दी गई।
अब इस पूरे मामले को लेकर उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की गई है, जहां 20 अप्रैल 2026 को सुनवाई निर्धारित की गई है। प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो बड़े स्तर पर साक्ष्य प्रभावित हो सकते हैं।
शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि इस घोटाले में कुछ अन्य प्रभावशाली लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है, जिनमें स्थानीय स्तर के राजनीतिक और कारोबारी चेहरे शामिल हैं। याचिकाकर्ता ने अदालत से मांग की है कि मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए, ताकि निष्पक्षता बनी रहे।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि शिकायतकर्ता ने यह भी संकेत दिए हैं कि इस प्रकरण में पहले की गई शिकायतों को दबाने की कोशिश की गई और संबंधित अधिकारियों ने प्रभाव में आकर कार्रवाई नहीं की। यही कारण है कि अब मामला सीधे उच्च न्यायालय की चौखट तक पहुंच गया है।
इस प्रकरण ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार, राजनीतिक संरक्षण और प्रशासनिक निष्क्रियता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि आरोपों में सच्चाई पाई जाती है, तो यह घोटाला प्रदेश के बड़े वित्तीय घोटालों में शामिल हो सकता है।
अब सबकी नजरें आगामी सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ेगी और क्या इस कथित 80 करोड़ के खेल के पीछे छिपे चेहरे बेनकाब होंगे या फिर मामला भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा।
80 करोड़ के कथित घोटाले की आंच तेज


