अमृतपुर, फर्रुखाबाद
थाना क्षेत्र के गांव उधरनपुर लीलापुर में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसे में 7 वर्षीय छात्रा की मौत हो गई। घर के निकट खेल रही मासूम पर अचानक विद्युत पोल गिर पड़ा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। उपचार के लिए ले जाने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पूरे गांव में शोक व्याप्त है, वहीं परिजनों एवं ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के ठेकेदार की लापरवाही को हादसे का कारण बताया है।प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतका शिवांगी पुत्री सुबोध, उम्र लगभग 7 वर्ष, कक्षा-1 की छात्रा थी। वह अपने तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ी थी। घटना के बाद मां नेहा, दादी ओमवती, दादा भोजपाल सहित अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।ग्रामीणों के अनुसार गांव में स्थापित उक्त विद्युत पोल को करीब तीन वर्ष पूर्व विद्युत विभाग के ठेकेदार श्याम सुंदर द्वारा लकड़ी के सहारों के माध्यम से रखा गया गया था। समय के साथ लकड़ी के सहारे जर्जर हो गए और सड़ने लगे, लेकिन उनकी मरम्मत अथवा बदलाव नहीं कराया गया। गुरुवार को सहारा टूटने के कारण पोल अचानक गिर गया और उसकी चपेट में आकर शिवांगी गंभीर रूप से घायल हो गई।
घटना के तुरंत बाद ग्रामीणों एवं परिजनों ने बच्ची को उपचार के लिए निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मासूम की मौत की सूचना मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई।ग्रामीणों का आरोप है कि यदि जर्जर हो चुके सहारों को समय रहते बदल दिया जाता अथवा पोल की उचित मरम्मत करा दी जाती तो यह हादसा टाला जा सकता था। लोगों का कहना है कि संबंधित ठेकेदार एवं जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा समय-समय पर निरीक्षण और आवश्यक कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण यह दुखद घटना हुई है।
ग्रामीणों ने मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। समाचार लिखे जाने तक परिजन आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी में जुटे थे, जबकि प्रशासनिक स्तर पर भी घटना की जानकारी जुटाई जा रही थी।मासूम की असमय मौत ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्थाओं के रखरखाव और सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।


