लखनऊ। राजधानी के गाजीपुर क्षेत्र में मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। कन्वेंशन सेंटर के पास एक डिब्बे में लगभग सात दिन की नवजात बच्ची लावारिस हालत में मिली। बच्ची के मिलने की सूचना से इलाके में हड़कंप मच गया और मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार राहगीरों को सड़क किनारे रखा एक संदिग्ध डिब्बा दिखाई दिया। जब लोगों ने पास जाकर देखा तो उसके अंदर एक नवजात बच्ची मौजूद थी। बच्ची जीवित थी और रो रही थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार किसी अज्ञात व्यक्ति ने बच्ची को डिब्बे में छोड़कर वहां से फरार हो गया। घटना के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। स्थानीय लोगों ने इस कृत्य को बेहद अमानवीय बताया है।
पुलिस ने तत्काल बच्ची को अपने संरक्षण में लेकर चिकित्सा परीक्षण के लिए अस्पताल भेज दिया। चिकित्सकों की निगरानी में बच्ची का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा रहा है। प्रारंभिक तौर पर बच्ची की उम्र करीब सात दिन बताई जा रही है।
गाजीपुर पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि बच्ची को छोड़कर जाने वाले व्यक्ति की पहचान की जा सके। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बच्ची को किन परिस्थितियों में वहां छोड़ा गया।
इस घटना ने एक बार फिर नवजात बच्चियों को त्यागने जैसी घटनाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि किसी कारणवश कोई परिवार बच्चे का पालन-पोषण नहीं कर सकता, तो उसके लिए कानूनी और संस्थागत विकल्प मौजूद हैं, लेकिन इस तरह नवजात को लावारिस छोड़ देना उसकी जान को खतरे में डालने जैसा है।
फिलहाल बच्ची सुरक्षित है और पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। पूरे घटनाक्रम को लेकर शहरभर में संवेदना और चिंता का माहौल है।


