गुजरात: गुजरात पुलिस की स्टेट मॉनिटरिंग सेल (SMC) ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी (International online cricket betting) और साइबर फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह फर्जी एवं म्यूल बैंक खातों के जरिए ₹324.58 करोड़ से अधिक के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन को अंजाम दे चुका है। मामले में अब तक 10 प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार (arrested) किया जा चुका है।
पूरे मामले का खुलासा मई 2026 में हुआ, जब SMC ने गुप्त सूचना के आधार पर अहमदाबाद के निकोल क्षेत्र में छापेमारी कर विजय करडानी को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से टैबलेट, तीन मोबाइल फोन, टीवी सेट, सेटअप बॉक्स, कार सहित करीब ₹15.73 लाख का सामान बरामद किया गया। मोबाइल और व्हाट्सएप डेटा की जांच के दौरान आईपीएल सीजन में सक्रिय देशव्यापी सट्टेबाजी नेटवर्क का खुलासा हुआ।
जांच में सामने आया कि आरोपी अवैध धन के लेन-देन के लिए हजारों बैंक खातों का उपयोग कर रहे थे। विजय करडानी के मोबाइल से 281 बैंक खातों का विवरण मिला, जिनमें से 50 खाते पहले ही राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCCRP) द्वारा फ्रीज किए जा चुके थे। वहीं, आरोपी अनिल गोकलदास के डिवाइस से 1,907 बैंक खातों की जानकारी मिली, जिनमें 304 खाते ब्लॉक पाए गए। पुलिस को कुल 354 ऐसे खाते मिले हैं जिनके खिलाफ देशभर में साइबर अपराध की शिकायतें दर्ज हैं।
पुलिस जांच में दुबई कनेक्शन भी सामने आया है। अधिकारियों के अनुसार, दुबई में बैठे कथित हैंडलर ‘युआन’ ने आरोपी आकाश नायक को नेटवर्क के वित्तीय संचालन की फ्रेंचाइजी सौंप रखी थी। इसके बदले उसे कुल मुनाफे का 40 प्रतिशत कमीशन मिलता था। आकाश ने आगे अन्य एजेंटों को 20 से 25 प्रतिशत कमीशन पर सब-फ्रेंचाइजी दे रखी थी।
SMC ने मुख्य आरोपी राजवीरसिंह समेत 47 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है। आरोपियों पर गुजरात जुआ अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस की विशेष टीम फिलहाल पूरे नेटवर्क की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मनी ट्रेल, हवाला कनेक्शन तथा बैंक खातों की फॉरेंसिक जांच में जुटी है। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े खुलासे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।


