लखनऊ, 17 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश में परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया को 7 नवंबर तक पूरा करने के निर्देश जारी किए गए हैं। बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेंद्र कुमार तिवारी ने शुक्रवार को सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) को इस संबंध में निर्देश दिए हैं। इससे लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे शिक्षकों को प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद जगी है।
सचिव की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, 9 अक्टूबर को अध्यापकों की वरिष्ठता सूची तैयार कर 23 अक्टूबर तक उपलब्ध कराने को कहा गया था। जिन जिलों में वरिष्ठता सूची पर आपत्तियां मांगने, उनका निस्तारण करने और सूची को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है, वहां यह काम 15 दिन के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
वरिष्ठता सूची पर आपत्तियों का होगा निस्तारण
पदोन्नति प्रक्रिया में वरिष्ठता सूची महत्वपूर्ण आधार है। इसलिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि शिक्षकों की ओर से दर्ज आपत्तियों की जांच कर उनका नियमानुसार निस्तारण किया जाए और सूची को अंतिम रूप दिया जाए, ताकि आगे की कार्रवाई निर्धारित समयसीमा में पूरी हो सके।
पदोन्नति में टीईटी की अनिवार्यता
शिक्षकों की पदोन्नति से जुड़ी प्रक्रिया में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता भी महत्वपूर्ण विषय है। हालांकि, टीईटी की शर्त किन पदों और किन श्रेणियों पर किस प्रकार लागू होगी, इसकी स्थिति संबंधित शासनादेशों और विभागीय निर्देशों के आधार पर स्पष्ट की जानी चाहिए।
7 नवंबर तक प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य तय होने के बाद अब जिला स्तर पर वरिष्ठता सूची, आपत्तियों के निस्तारण और पदोन्नति संबंधी अभिलेखों को समय से पूरा करने की जिम्मेदारी बेसिक शिक्षा अधिकारियों पर होगी।


