लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नवरात्रि के साथ ही दशहरे की तैयारियां तेज हो गई हैं। शहर के विभिन्न इलाकों में दुर्गापूजा और रामलीला का आयोजन किया जा रहा है। दशहरा नजदीक आने के साथ ही रावण के पुतले बनाने वाले कारीगर दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। पॉलिटेक्निक चौराहे से लेकर डालीगंज बांस मंडी और पुरनिया तक पुतले बनाने का काम तेजी से चल रहा है।
कारीगरों के मुताबिक, शहर में अब तक छोटे-बड़े मिलाकर करीब 200 रावण के पुतले तैयार हो चुके हैं। इनकी ऊंचाई 4 फीट से लेकर 40 फीट तक है। अलग-अलग आयोजनों और रामलीला समितियों की मांग के अनुसार पुतलों का आकार तय किया जा रहा है। कुछ कारीगरों का कहना है कि वे 80 फीट तक ऊंचे पुतले भी बना सकते हैं।
रावण के पुतलों की कीमत उनकी ऊंचाई, गोलाई और डिजाइन के आधार पर तय की जाती है। छोटे पुतलों की कीमत करीब 100 रुपये से शुरू होती है, जबकि बड़े और आकर्षक पुतलों की कीमत 20 हजार रुपये या इससे अधिक तक पहुंच सकती है। ग्राहक अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से पुतलों के ऑर्डर दे रहे हैं।
लखनऊ के डालीगंज इलाके में रावण के पुतले बनाने की परंपरा करीब 100 से 150 साल पुरानी बताई जाती है। पीढ़ियों से इस काम से जुड़े कारीगर दशहरे के अवसर पर अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं। त्योहार के नजदीक आने के साथ काम में तेजी आ गई है और कारीगर समय पर सभी ऑर्डर पूरे करने में जुटे हैं।


