लखनऊ, 17 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश कांग्रेस में आराधना मिश्रा के पदभार ग्रहण समारोह से पहले हुए विवाद की जांच तेज हो गई है। इस मामले में ममता चौधरी ने जांच समिति के सामने अपना पक्ष रखा है, जबकि कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने समिति को लिखित जवाब भेजा है। पांच सदस्यीय जांच समिति जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंप सकती है।
विवाद के दौरान चले थे जूते-चप्पल
यह विवाद आराधना मिश्रा के पदभार ग्रहण समारोह से पहले हुआ था। इस दौरान अजय राय और ममता चौधरी के बीच कहासुनी होने की बात सामने आई थी। विवाद बढ़ने पर कुछ लोगों के बीच जूते-चप्पल चलने की घटना भी चर्चा में आई, जिसके बाद पार्टी के भीतर इस मामले को लेकर सवाल उठने लगे।
पांच सदस्यीय समिति कर रही जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए राजेंद्र पाल गौतम ने पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की थी। समिति की जिम्मेदारी विवाद से जुड़े घटनाक्रम, संबंधित नेताओं के पक्ष और उपलब्ध तथ्यों की पड़ताल करना है। ममता चौधरी का बयान दर्ज किए जाने और अजय राय का लिखित जवाब मिलने के बाद जांच प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
बृजलाल खाबरी की अध्यक्षता वाली समिति जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंप सकती है। रिपोर्ट में विवाद के कारणों और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों का उल्लेख होने की संभावना है। हालांकि, जांच रिपोर्ट आने से पहले किसी भी नेता की भूमिका या जिम्मेदारी को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
कांग्रेस की इस आंतरिक जांच पर पार्टी कार्यकर्ताओं और राजनीतिक हलकों की निगाहें टिकी हैं। अब समिति की रिपोर्ट से स्पष्ट होगा कि विवाद के संबंध में क्या निष्कर्ष सामने आते हैं और पार्टी आगे क्या कदम उठाती है।


