➡️ प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत मिली अहम राष्ट्रीय जिम्मेदारी
➡️ राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत हुई नियुक्ति
➡️ केजीएमयू के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभागाध्यक्ष हैं डॉ. सूर्यकान्त
➡️ देशभर के मेडिकल कॉलेजों में टीबी उन्मूलन गतिविधियों को मजबूत करने की जिम्मेदारी
➡️ सेंट्रल टीबी डिवीजन, जोनल व स्टेट टास्क फोर्स के साथ समन्वय करेंगे
➡️ डॉ. सूर्यकान्त करीब 10 वर्षों तक यूपी टीबी स्टेट टास्क फोर्स से जुड़े रहे हैं
लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. सूर्यकान्त को राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत गठित नेशनल टीबी टास्क फोर्स का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति को उत्तर प्रदेश के चिकित्सा जगत के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
नई जिम्मेदारी के तहत डॉ. सूर्यकान्त देशभर के मेडिकल कॉलेजों, सेंट्रल टीबी डिवीजन, जोनल एवं स्टेट टास्क फोर्स और मेडिकल कॉलेजों की कोर कमेटियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर टीबी की जल्द पहचान, गुणवत्तापूर्ण उपचार, दवा-प्रतिरोधी टीबी की देखभाल और जनजागरूकता से जुड़ी गतिविधियों को गति देंगे।
डॉ. सूर्यकान्त लंबे समय से टीबी उन्मूलन अभियान से जुड़े हैं। वह करीब 10 वर्षों तक उत्तर प्रदेश टीबी स्टेट टास्क फोर्स के अध्यक्ष और पिछले चार वर्षों से नॉर्थ जोन के अध्यक्ष के रूप में टीबी उन्मूलन संबंधी गतिविधियों का नेतृत्व कर चुके हैं। केजीएमयू की आधिकारिक वेबसाइट भी उन्हें रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग का प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष बताती है।
डॉ. सूर्यकान्त ने कहा कि टीबी मुक्त भारत का संकल्प केवल मरीज और उसके परिवार तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। केजीएमयू की कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने उनकी नियुक्ति पर बधाई देते हुए इसे संस्थान और देश के चिकित्सा समुदाय के लिए गौरव का विषय बताया।


