ललितपुर। उत्तर प्रदेश के ललितपुर जनपद में एक सेवानिवृत्त शिक्षक द्वारा कथित रूप से सुसाइड नोट छोड़कर आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। सुसाइड नोट में तत्कालीन पुलिस अधीक्षक रहे एलबी एंटोनी देव कुमार (जो बाद में डीजी पद से सेवानिवृत्त हुए) पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। घटना के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
घटना बार थाना क्षेत्र के चिकलौआ गांव की है। जानकारी के अनुसार, मृतक ने आत्महत्या से पहले एक सुसाइड नोट छोड़ा, जिसमें उन्होंने वर्ष 2002 की एक घटना का उल्लेख करते हुए तत्कालीन एसपी एलबी एंटोनी देव कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सुसाइड नोट में दावा किया गया है कि वर्ष 2002 में उन्हें स्कूल से बुलाकर थाने लाया गया, जहां कथित रूप से उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें नग्न कर पीटा गया और पानी के गिलास में गोबर मिलाकर पिलाया गया। साथ ही उनके खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत झूठा मुकदमा दर्ज कराने का भी आरोप लगाया गया है।
बताया जा रहा है कि संबंधित मामला पिछले 24 वर्षों से न्यायालय में विचाराधीन था। मृतक ने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि लंबे समय तक न्याय न मिलने और मानसिक पीड़ा से परेशान होकर उन्होंने यह कदम उठाया। न्यायालय का फैसला आने से पहले ही उन्होंने अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने सुसाइड नोट को भी कब्जे में लेकर उसकी जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सुसाइड नोट की सत्यता, उसमें लगाए गए आरोपों तथा आत्महत्या के कारणों की सभी पहलुओं से जांच की जाएगी। जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला बेहद संवेदनशील है। सुसाइड नोट में लगाए गए आरोप फिलहाल आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र जांच और सत्यापन होना बाकी है। पुलिस और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


