नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब मामले में नया मोड़ आ गया है। वीडियो में दिखाई देने वाली 15 वर्षीय किशोरी ने सार्वजनिक रूप से हाथ जोड़कर माफी मांगी है। वायरल वीडियो संदेश में उसने स्वीकार किया कि उसने भीड़ और माहौल के प्रभाव में आकर आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया था। किशोरी ने कहा कि उसका किसी का अपमान करने का इरादा नहीं था और वह अपनी इस हरकत पर पछता रही है। उसने इसे अपने जीवन की पहली और आखिरी गलती बताते हुए सभी से क्षमा करने की अपील की।
माफी वाले वीडियो में किशोरी ने कहा कि वह अपने दोस्तों के साथ घूमने के लिए कनॉट प्लेस गई थी। उसी दौरान जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन चल रहा था, जहां कुछ लोग प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। उसने बताया कि भीड़ के माहौल और अन्य लोगों की बातों के प्रभाव में आकर उसने भी आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। बाद में जब उसे अपनी गलती का एहसास हुआ तो उसने सार्वजनिक रूप से माफी मांगने का निर्णय लिया। उल्लेखनीय है कि यह वीडियो 23 जुलाई का बताया जा रहा है, जबकि 30 जुलाई को नोएडा में उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार देर रात अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो संदेश साझा किया। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर कुछ बच्चों ने उनके और उनकी माता के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया, लेकिन बचपन में गलतियां हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चे गुमराह हो सकते हैं और उन्हें सही दिशा दिखाने की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वह उन बच्चों को माफ करना चाहते हैं ताकि वे अपनी गलती से सीख लेकर भविष्य में बेहतर नागरिक बन सकें। प्रधानमंत्री का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और कुछ ही समय में लाखों लोगों ने इसे देखा और पसंद किया।
वहीं, इस मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया के माध्यम से सवाल उठाते हुए पूछा कि यदि प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक रूप से किशोरी को माफ कर दिया है, तो क्या उसके खिलाफ दर्ज कानूनी मामला भी वापस लिया जाएगा। फिलहाल इस संबंध में प्रशासन या जांच एजेंसियों की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। मामले की कानूनी प्रक्रिया जारी है और आगे की कार्रवाई संबंधित अधिकारियों के निर्णय पर निर्भर करेगी।


