कंपिल। आषाढ़ गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर प्राचीन तीर्थ नगरी कंपिल बुधवार को श्रद्धा और भक्ति के रंग में सराबोर रही। ब्रह्ममुहूर्त से ही श्रद्धालुओं का मंदिरों में पहुंचना शुरू हो गया और देर शाम तक दर्शन-पूजन का सिलसिला जारी रहा। भगवान शिव, महर्षि वेदव्यास और गुरु परंपरा के प्रति आस्था व्यक्त करते हुए श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और देश की खुशहाली की कामना की।
प्राचीन रामेश्वर नाथ मंदिर, कालेश्वर नाथ मंदिर, कपिल मुनि आश्रम, द्रौपदी कुंड, गंगेश्वर महादेव, वनखंडी नाथ मंदिर, भूतेश्वर नाथ मंदिर तथा गीता ज्ञान 11 खंडीय मंदिर सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों पर दिनभर भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। कई मंदिरों में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन, पूजन, गुरु वंदना और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। पूरे नगर में “हर-हर महादेव” और गुरु वंदना के जयघोष से भक्तिमय वातावरण बना रहा।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। प्रमुख मंदिरों, चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। कालेश्वर नाथ मंदिर के पास किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी तैनात रही।


