नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के संकेत मिलते ही वैश्विक तेल बाजार में बड़ी राहत देखने को मिली। सोमवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत में करीब 5% की गिरावट दर्ज की गई, जबकि अमेरिकी WTI क्रूड भी 4–5% तक फिसल गया। इससे हाल के हफ्तों में युद्ध की आशंकाओं के कारण आई तेज़ तेजी पर ब्रेक लग गया।
विश्लेषकों के अनुसार, सप्ताहांत में दोनों देशों की ओर से सैन्य कार्रवाई में विराम आने और कूटनीतिक समाधान की उम्मीद बढ़ने से निवेशकों की चिंता कम हुई। साथ ही, दुनिया के सबसे अहम तेल आपूर्ति मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ से सप्लाई सामान्य होने की उम्मीद ने भी कीमतों पर दबाव बनाया।
ताज़ा कारोबार में ब्रेंट क्रूड लगभग 92 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया, जबकि पिछले सप्ताह यह 100 डॉलर के करीब चला गया था। WTI क्रूड भी गिरकर करीब 85 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मध्य-पूर्व में तनाव और कम होता है तथा तेल आपूर्ति सामान्य रहती है, तो कच्चे तेल की कीमतों में और नरमी आ सकती है। हालांकि, क्षेत्र में भू-राजनीतिक जोखिम पूरी तरह समाप्त नहीं हुए हैं, इसलिए बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना बनी हुई है।
भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों के लिए कच्चे तेल की कीमतों में यह गिरावट राहतभरी मानी जा रही है। इससे आयात बिल कम होने, महंगाई पर दबाव घटने और भविष्य में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद बढ़ी है।
अमेरिका-ईरान तनाव थमते ही कच्चे तेल में बड़ी गिरावट, ब्रेंट क्रूड 5% लुढ़का


