34 C
Lucknow
Friday, July 24, 2026

नकली दवाओं पर सख्ती, उत्तर प्रदेश में नए थोक दवा लाइसेंस पर अस्थायी रोक

Must read

 

सत्यापन पूरा होने तक नहीं जारी होंगे नए लाइसेंस, थोक और फुटकर दवा विक्रेताओं की होगी व्यापक जांच

विशेष संवाददाता | यूथ इंडिया
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में नकली और संदिग्ध दवाओं की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने प्रदेश में नए थोक दवा लाइसेंस जारी करने पर अस्थायी रोक लगा दी है। यह व्यवस्था तब तक लागू रहेगी, जब तक प्रदेशभर के दवा कारोबारियों का सत्यापन पूरा नहीं हो जाता।
एफएसडीए आयुक्त ने सभी जिलों के औषधि निरीक्षकों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में संचालित थोक और फुटकर दवा विक्रेताओं का व्यापक सत्यापन अभियान चलाया जाए। सत्यापन के दौरान लाइसेंस, दवा भंडारण व्यवस्था, खरीद-बिक्री के अभिलेख, वैध स्रोतों से दवाओं की आपूर्ति तथा नियमानुसार संचालन की जांच की जाएगी।
विभाग के अनुसार हाल के दिनों में नकली और संदिग्ध दवाओं के मामले सामने आने के बाद यह निर्णय लिया गया है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बाजार में केवल गुणवत्ता युक्त और प्रमाणित दवाएं ही उपलब्ध हों तथा आम लोगों के स्वास्थ्य के साथ किसी प्रकार का खिलवाड़ न हो।
एफएसडीए ने स्पष्ट किया है कि सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने तक किसी भी नए थोक दवा विक्रेता को लाइसेंस जारी नहीं किया जाएगा। वहीं, जिन प्रतिष्ठानों में अनियमितताएं पाई जाएंगी, उनके विरुद्ध औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विभाग का मानना है कि इस अभियान से दवा कारोबार में पारदर्शिता बढ़ेगी, नकली दवाओं की आपूर्ति पर अंकुश लगेगा और आम उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। प्रशासन ने सभी जिलों के अधिकारियों को सत्यापन अभियान गंभीरता और निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article