फर्रुखाबाद। दीपावली के त्योहार को देखते हुए नगर पालिका परिषद फर्रुखाबाद ने शहर में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है। नगर पालिका की ओर से नेहरू रोड और आसपास के क्षेत्रों में पटरी दुकानदारों, ठेले वालों तथा दुकानों के बाहर सामान रखकर सड़क और फुटपाथ घेरने वाले दुकानदारों को नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि अतिक्रमण नहीं हटाने पर संबंधित दुकानदारों से 500 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना वसूला जाएगा।
त्योहारी सीजन में बाजारों में ग्राहकों की भीड़ बढ़ने के साथ ही दुकानदारों को अच्छे कारोबार की उम्मीद रहती है। ऐसे में नगर पालिका के नोटिस मिलने से छोटे दुकानदारों और ठेले वालों में हलचल मच गई है। कई दुकानदारों ने कार्रवाई की आशंका के चलते अपनी दुकानों के बाहर रखा सामान हटाना शुरू कर दिया है। वहीं, इस कार्रवाई को लेकर पटरी दुकानदारों के बीच चिंता भी देखी जा रही है।
नगर पालिका की इस पहल का उद्देश्य सड़कों और फुटपाथों पर होने वाले अतिक्रमण को हटाकर आवागमन सुचारु बनाए रखना बताया जा रहा है। बाजारों में दुकानों के बाहर सामान फैलाने और ठेले खड़े होने से कई बार राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। त्योहार के दौरान बाजारों में भीड़ बढ़ने से यातायात व्यवस्था पर भी दबाव रहता है। ऐसे में नगर पालिका अतिक्रमण हटाने को लेकर सख्ती बरत रही है।
हालांकि, स्थानीय लोगों और समाजसेवियों ने छोटे दुकानदारों की रोजी-रोटी का मुद्दा भी उठाया है। उनका कहना है कि त्योहार के समय पटरी दुकानदारों के सामने कारोबार का महत्वपूर्ण अवसर होता है। ऐसे में कार्रवाई के साथ-साथ उनके लिए वैकल्पिक स्थान की व्यवस्था पर भी विचार किया जाना चाहिए, ताकि शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो और गरीब दुकानदारों की आजीविका भी बनी रहे।
ईओ बोले, आवागमन बाधित करने वालों पर होगी कार्रवाई
नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी विनोद कुमार ने मामले में स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि कार्रवाई सभी दुकानदारों के खिलाफ एक समान रूप से नहीं, बल्कि उन लोगों के विरुद्ध की जा रही है जो अपनी दुकानों का सामान सड़क और पटरी पर फैलाकर आवागमन बाधित करते हैं। उन्होंने कहा कि सड़क और फुटपाथ पर अतिक्रमण करना नियमों के विरुद्ध है। ऐसे मामलों में निर्धारित नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
ईओ ने बताया कि अतिक्रमण नहीं हटाने पर 500 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना निर्धारित है। यदि संबंधित दुकानदार नोटिस के बावजूद अतिक्रमण बनाए रखते हैं तो जुर्माने की राशि प्रतिदिन के हिसाब से बढ़ती जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर पालिका का उद्देश्य रास्तों को अतिक्रमण मुक्त रखना और आम लोगों के आवागमन में होने वाली परेशानी को दूर करना है।
फेरी नीति के तहत चल सकते हैं ठेले
ठेले और फेरी लगाकर कारोबार करने वालों के संबंध में अधिशासी अधिकारी ने कहा कि उनके लिए फेरी नीति लागू है। इसके तहत फेरी वाले चलते-फिरते अपना व्यवसाय कर सकते हैं, लेकिन किसी एक स्थान पर स्थायी रूप से खड़े होकर अतिक्रमण नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि नियमों के दायरे में रहकर कारोबार करने वाले फेरी वालों को लेकर पालिका को कोई आपत्ति नहीं है।
रसीद काटने की व्यवस्था पर भी उठाया सवाल
नगर पालिका में ठेले वालों और पटरी दुकानदारों की रसीद काटने की व्यवस्था के संबंध में ईओ विनोद कुमार ने कहा कि रसीद कटने के बाद कुछ लोग संबंधित स्थान पर अपना अधिकार समझने लगते हैं। इससे उस जगह पर स्थायी कब्जे जैसी स्थिति बनने और अतिक्रमण को बढ़ावा मिलने की आशंका रहती है। इसी वजह से अब रसीद काटने की पुरानी व्यवस्था नहीं चलाई जा रही है।
फिलहाल दीपावली से पहले नगर पालिका की इस कार्रवाई को लेकर बाजार में चर्चा तेज है। एक ओर प्रशासन सड़क और फुटपाथ को अतिक्रमण मुक्त रखने पर जोर दे रहा है, वहीं दूसरी ओर छोटे दुकानदारों के सामने कारोबार और आजीविका का सवाल खड़ा है। अब देखना होगा कि नगर पालिका अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के साथ बाजारों में व्यवस्था बनाए रखने और छोटे दुकानदारों की समस्याओं के समाधान के बीच किस तरह संतुलन बनाती है।


