31 C
Lucknow
Sunday, October 18, 2026

साहित्य, शिक्षा और महिला सशक्तीकरण में योगदान के लिए डॉ. प्रियंका ‘सौरभ’ सम्मानित

Must read

 

 

शिक्षा सागर फाउंडेशन भारत ने प्रदान किया सम्मान, देशभर के 150 से अधिक शिक्षकों को किया गया सम्मानित

हिसार। हरियाणा के शिक्षा विभाग में राजनीति विज्ञान की प्रवक्ता डॉ. प्रियंका ‘सौरभ’ को शिक्षा, साहित्य, पत्रकारिता और महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। शिक्षा सागर फाउंडेशन भारत की ओर से उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया। कुरुक्षेत्र के गीता ज्ञान केंद्र में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में देशभर के 150 से अधिक शिक्षकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता हरियाणा शिक्षा विभाग के मौलिक शिक्षा निदेशक ने की।

अपरिहार्य कारणों के चलते डॉ. प्रियंका ‘सौरभ’ समारोह में शामिल होने के लिए गीता ज्ञान केंद्र, कुरुक्षेत्र नहीं पहुंच सकीं। ऐसे में कार्यक्रम की समन्वयक सुशीला जांगड़ा ने उनके घर पहुंचकर उनके दादाजी माईलाल उब्बा के हाथों उन्हें सम्मान प्रदान करवाया। इस पहल के माध्यम से आयोजकों ने डॉ. प्रियंका ‘सौरभ’ के शैक्षिक और सामाजिक योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त किया।

राजनीति विज्ञान में पीएचडी डिग्री प्राप्त डॉ. प्रियंका ‘सौरभ’ शिक्षण कार्य के साथ-साथ साहित्य और पत्रकारिता के क्षेत्र में भी सक्रिय हैं। उनके हजारों लेख, संपादकीय और विचार-आलेख राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय समाचार-पत्रों तथा पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। कवयित्री, साहित्यकार, स्वतंत्र पत्रकार और स्तंभकार के रूप में वे महिला सशक्तीकरण, बालिका शिक्षा, स्त्री-अस्मिता, सामाजिक न्याय, लोकतांत्रिक मूल्यों और समसामयिक सामाजिक समस्याओं पर निरंतर लेखन कर रही हैं।

शिक्षा के क्षेत्र में उनके शिक्षण एवं मार्गदर्शन से कई विद्यार्थियों ने 100 से अधिक अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। वे विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास, तार्किक चिंतन, आत्मविश्वास और सामाजिक संवेदनशीलता को बढ़ावा देने पर विशेष जोर देती हैं। उनका मानना है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल अच्छे परीक्षा परिणाम हासिल करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है।

डॉ. प्रियंका ‘सौरभ’ की प्रकाशित साहित्यिक कृतियों में ‘दीमक लगे गुलाब’, ‘चूल्हे से चाँद तक’, ‘मौन की मुस्कान’, ‘खिड़की से झांकती जिंदगी’, ‘परियों से संवाद’, ‘बच्चों की दुनिया’, ‘समय की रेत पर’, ‘निर्भयें’, ‘Fearless’ और ‘आँचल की चुप्पी’ शामिल हैं। उन्होंने हरियाणवी लघुकथा-संकलन ‘म्हारी माटी, म्हारे आखर’ के संपादन में भी योगदान दिया है। उनकी रचनाओं में सामाजिक विसंगतियों, मानवीय संवेदनाओं, स्त्री-जीवन और बदलते सामाजिक परिवेश के विभिन्न पहलुओं को अभिव्यक्ति मिली है।

साहित्य और सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में उन्हें आईपीएस मनुमुक्त ‘मानव’ पुरस्कार, नारी रत्न पुरस्कार, हरियाणा की शक्तिशाली महिला पुरस्कार, विश्व हिंदी साहित्य रत्न पुरस्कार, सुपर वुमन अवार्ड, ग्लोबल सुपर वुमन अवार्ड, महिला रत्न सम्मान, नागरिक पत्रकारिता नारद पुरस्कार और साहित्यांचल राष्ट्रीय पुरस्कार सहित अनेक सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। उन्हें अंतरराष्ट्रीय मानद डॉक्टरेट उपाधियां भी मिली हैं।

डॉ. प्रियंका ‘सौरभ’ का कार्य साहित्य, पत्रकारिता, शिक्षा और महिला सशक्तीकरण के बीच एक सार्थक सेतु स्थापित करता है। उनकी लेखनी महिलाओं और बालिकाओं के अधिकारों, सामाजिक समानता तथा शिक्षा की गुणवत्ता के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास करती है। शिक्षण और साहित्य के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की उनकी सक्रियता उनके बहुआयामी योगदान को रेखांकित करती है।

(डॉ. प्रियंका सौरभ, पीएचडी (राजनीति विज्ञान), कवयित्री एवं सामाजिक चिंतक हैं।)

 

 

डॉ. प्रियंका सौरभ
पीएचडी (राजनीति विज्ञान)
कवयित्री | सामाजिक चिंतक | स्तंभकार

उब्बा भवन, आर्यनगर
हिसार (हरियाणा) – 125005

मोबाइल: 7015375570
(वार्ता एवं व्हाट्सएप)

facebook – https://www.facebook.com/PriyankaSaurabh20/
twitter- https://twitter.com/pari_saurabh
———————————————————–

Bank Account Information
1775101011836, PRIYANKA
IFSC CODE- CNRB0001775

नोट- आपको प्रकाशनार्थ भेजी गई मेरी रचना/आलेख/ कविता/कहानी/लेख नितांत मौलिक और अप्रकाशित है।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article