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Saturday, October 17, 2026

सरस्वती विद्या मंदिर में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की सजीव झांकी ने मोहा मन

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फर्रुखाबाद। श्यामनगर स्थित विद्या भारती द्वारा संचालित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में नवरात्रि के सप्तम दिवस पर भव्य एवं भक्तिमय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आकर्षक सजीव झांकी सजाई गई। देवी के विभिन्न स्वरूपों में सजी छात्राओं की मनोहारी वेशभूषा और रूप सज्जा ने सभी का मन मोह लिया। झांकी देखकर विद्यालय के छात्र-छात्राएं और शिक्षक भावविभोर हो उठे। पूरे परिसर में भक्ति और श्रद्धा का वातावरण बना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य रामकृष्ण बाजपेई ने मां सरस्वती और मां भगवती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद उन्होंने विधि-विधान और मंत्रोच्चारण के साथ मां दुर्गा के नौ स्वरूपों शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री का पूजन-अर्चन किया। सभी स्वरूपों को पुष्पमालाएं अर्पित करने के बाद सामूहिक आरती की गई। इस दौरान विद्यालय परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की सजीव झांकी में शामिल छात्राओं की आकर्षक रूप सज्जा कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही। विद्यालय की आचार्या अनीता के निर्देशन में छात्राओं को देवी के विभिन्न स्वरूपों में तैयार किया गया। उनकी वेशभूषा, साज-सज्जा और प्रस्तुति ने झांकी को विशेष बना दिया। कार्यक्रम के दौरान मां दुर्गा के जयकारों और देवी भजनों से विद्यालय परिसर गुंजायमान रहा। छात्र-छात्राओं ने श्रद्धा और उत्साह के साथ कार्यक्रम में सहभागिता की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य रामकृष्ण बाजपेई ने कहा कि नवरात्रि केवल पूजा-पाठ का पर्व नहीं है, बल्कि यह आत्मशुद्धि, शक्ति संचय और मातृशक्ति के प्रति सम्मान व्यक्त करने का पावन अवसर है। मां दुर्गा के नौ स्वरूप जीवन में धैर्य, तप, साहस, ज्ञान और सेवा भाव का संदेश देते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से देवी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि भारतीय संस्कारों में नारी को शक्ति और ज्ञान का सर्वोच्च स्वरूप माना गया है। विद्यार्थियों को अनुशासन, सद्विचार और राष्ट्र व समाज के प्रति कर्तव्यनिष्ठा का संकल्प लेना चाहिए। मातृशक्ति का सम्मान करने और अपने भीतर की बुराइयों को दूर करने से ही जीवन में वास्तविक सफलता प्राप्त की जा सकती है।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के सभी छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। नवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में धार्मिक आस्था, भारतीय संस्कृति और संस्कारों के प्रति सम्मान की भावना को प्रोत्साहित किया।

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