दिल्ली के पीतमपुरा में इस बार रामलीला के दौरान एक अनोखा नजारा देखने को मिलेगा। श्री केशव रामलीला समिति ने रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों के साथ 30 फुट ऊंचे कॉकरोच का पुतला जलाने का फैसला किया है। इस अनोखी पहल को लेकर लोगों के बीच चर्चा हो रही है।
समिति के मुताबिक, कॉकरोच का पुतला गंदगी और अस्वच्छता का प्रतीक होगा। इसके जरिए लोगों को अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखने और स्वच्छ वातावरण के महत्व के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया जाएगा।
इस पहल को स्वच्छ भारत अभियान से भी जोड़ा गया है। रामलीला जैसे बड़े सार्वजनिक आयोजन के माध्यम से समिति लोगों तक स्वच्छता का संदेश पहुंचाना चाहती है, ताकि नागरिक अपने घरों, सड़कों और सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने के प्रति जागरूक हों।
आमतौर पर दशहरे पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में किया जाता है। इस बार कॉकरोच के पुतले को शामिल करके आयोजक सामाजिक बुराइयों के साथ गंदगी के खिलाफ भी संदेश देना चाहते हैं। यह पहल दशहरे के पारंपरिक आयोजन को स्वच्छता के प्रति जागरूकता से जोड़ने का एक अनोखा प्रयास है।


