टॉयलेट पेपर में लपेटकर कॉन्फ्रेंस रूम के टीवी में रखा गया था उपकरण, सऊदी इंजीनियर की गिरफ्तारी का दावा
अमेरिका। कृत्रिम बुद्धिमत्ता क्षेत्र की प्रमुख कंपनी OpenAI के सैन फ्रांसिस्को कार्यालय में कथित जासूसी का मामला सामने आने का दावा किया गया है। दी गई जानकारी के मुताबिक, कार्यालय के एक कॉन्फ्रेंस रूम में बैठकें सुनने के लिए गुप्त रिकॉर्डिंग उपकरण लगाए जाने का आरोप है। इस मामले में सऊदी इंजीनियर अब्दुल रहमान अलफोजान को गिरफ्तार किए जाने की बात कही गई है।
अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, 30 सितंबर 2026 को कंपनी के सुरक्षा कर्मियों को एक कार्यकारी सम्मेलन कक्ष में टीवी के पीछे संदिग्ध रिकॉर्डिंग उपकरण मिला। यह उपकरण टीवी के पिछले हिस्से में लगे यूएसबी पोर्ट से जुड़ा था और इसे टॉयलेट पेपर में छिपाया गया था। जांच में उपकरण में दर्ज सामग्री एन्क्रिप्टेड पाई गई।
अदालती शिकायत के मुताबिक, संबंधित सम्मेलन कक्ष में कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठकें होती थीं। इन बैठकों में तकनीकी अनुसंधान, नए उत्पादों की योजनाओं, व्यावसायिक रणनीतियों और अन्य गोपनीय विषयों पर चर्चा की जाती थी।
जांचकर्ताओं ने कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज की भी पड़ताल की। आरोप है कि अलफोजान उपकरण मिलने से पहले कई बार उस सम्मेलन कक्ष के आसपास दिखाई दिए, जबकि उन्हें वहां होने वाली बैठकों में शामिल होने या उस कक्ष तक पहुंचने का अधिकार नहीं था। बाद में वह टीवी के पीछे उपकरण की जांच करते हुए भी दिखाई दिए।
अमेरिकी न्याय विभाग की शिकायत के अनुसार, 5 अक्टूबर को कंपनी के एक अन्य कमरे में लावारिस पड़े बैग की जांच के दौरान सुरक्षा कर्मियों को उसमें एक और समान रिकॉर्डिंग उपकरण मिला। बैग में अलफोजान के पहचान संबंधी दस्तावेज भी थे। जांच में कंपनी के आंतरिक साधनों और चैटबॉट से संबंधित गतिविधियों की भी पड़ताल की गई।
अलफोजान को 9 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार किया गया था। 13 अक्टूबर को उन्हें संघीय अदालत में पेश किया गया। उन पर इलेक्ट्रॉनिक या अन्य उपकरण के माध्यम से बातचीत को अवैध रूप से सुनने या सुनने का प्रयास करने का आरोप लगाया गया है। दोष सिद्ध होने पर उन्हें अधिकतम 5 साल की जेल, 250,000 डॉलर का जुर्माना और निगरानी में रिहाई की सजा हो सकती है। अगली सुनवाई 19 अक्टूबर के लिए निर्धारित बताई गई है।
OpenAI ने घटना की जानकारी संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) को दी और संबंधित कर्मचारी को नौकरी से हटा दिया। कंपनी के अनुसार, अब तक ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि आरोपी ने कंपनी के मॉडल संबंधी गोपनीय डेटा, सोर्स कोड या ग्राहकों का डेटा चुराया अथवा बाहर भेजा हो। मामले की जांच जारी है।


