– एफआईआर लंबित होने पर मजिस्ट्रेट की अनुमति और विदेश यात्रा के लिए जरूरी कानूनी प्रक्रिया का करना होगा पालन
प्रयागराज।पासपोर्ट जारी करने से जुड़े एक अहम मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि केवल एनसीआर (गैर-संज्ञेय रिपोर्ट) दर्ज होने के आधार पर किसी व्यक्ति का पासपोर्ट जारी करने से इनकार नहीं किया जा सकता। अदालत के इस फैसले को पासपोर्ट आवेदनों के लंबे समय तक लंबित रहने की समस्या के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हाईकोर्ट के समक्ष उठे मामले में पासपोर्ट जारी करने और आपराधिक मामलों की लंबित स्थिति के बीच कानूनी अंतर स्पष्ट करने का प्रश्न था। अदालत के अनुसार, केवल एनसीआर दर्ज होना अपने आप में पासपोर्ट रोकने का पर्याप्त आधार नहीं है। हालांकि, संबंधित मामले की वास्तविक स्थिति और लागू कानूनी प्रावधानों को भी ध्यान में रखना होगा।
यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक मामला लंबित है, तो पासपोर्ट जारी करने या विदेश यात्रा करने के संबंध में लागू कानून और न्यायालय के आदेशों के अनुसार आवश्यक अनुमति लेनी पड़ सकती है। ऐसे मामलों में मजिस्ट्रेट की अनुमति तथा अन्य कानूनी शर्तों का पालन महत्वपूर्ण होगा।
इस फैसले से उन आवेदकों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनके पासपोर्ट आवेदन केवल एनसीआर दर्ज होने के कारण अटके हुए हैं। हालांकि, प्रत्येक मामले में परिस्थितियों और लागू नियमों के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।


