लखनऊ। राजधानी के क्वीन मेरी अस्पताल में मरीजों को कथित रूप से निजी अस्पतालों में भेजकर अवैध वसूली करने के आरोप में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। अस्पताल प्रशासन ने आउटसोर्स कर्मचारी दुर्गेश शुक्ला को सेवा से बर्खास्त कर दिया है।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, दुर्गेश शुक्ला पर आरोप था कि वह मरीजों और उनके परिजनों को सरकारी अस्पताल में उपचार के बजाय निजी अस्पतालों में जाने के लिए प्रेरित करता था। इसके बदले अवैध आर्थिक लाभ लेने की शिकायतें भी मिली थीं। मामले की जांच कराई गई, जिसमें लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए।
जांच रिपोर्ट के आधार पर अस्पताल प्रशासन ने आउटसोर्स कर्मचारी की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दीं। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों के हितों से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


