कई चर्चित बाबुओं और अध्यापकों पर सीधी की जांच की रडार
=पारदर्शी व्यवस्था से ही चयन की तैयारी शुरू
=जिलाधिकारी के बाद सीडीओ ने भी लिया संज्ञान
=डीआईओएस कार्यालय में वर्षो तैनात रहे बाबू के काकस में फंसा विभाग यूथ इंडिया, फर्रूखाबाद
बेसिक शिक्षा विभाग में 15 एकेडमिक रिसोर्स पर्सन यानी एआरपी के चयन प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही ब्लाक आवंटन को लेकर 50 हजार से 1 लाख की अवैध बसूली की चर्चाओं के हंगामे के बाद उच्चाधिकारियों के संज्ञान और बीएसए की तल्ख नजरों के बाद पुराना काकस तार-तार होने लगा। स्थानीय राजनीति से बेखबर रहे आलाधिकारी जैसे ही अलर्ट मोड पर आये दलालों का लश्कर खंड-खंड हो गया।
करीब १५ वर्षो से जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में तैनात रहा बाबू राजेश अग्रिहोत्री और बीएसए दफ्तर में लंबे समय तक अपनी तैनाती के दौरान खेल में माहिर रहा उसका साथी बाबू आज भी अपने एक शिक्षा माफिया चर्चित वकील साथी के इशारे पर बेसिक शिक्षा विभाग में अपनी दखल बनाये थे। हालाकि बदले दौर में पटलों के बाबू नये और गंदी राजनीति से बेखबर रहे जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ प्रताप सिंह ने पुराने काकस से अनभिग्य थे। एआरपी चयन के पीछे पुराने बाबू और दलालों का खेल अपनी गति पर चल रहा था। चयन के नाम पर वसूली भोलेपुर स्थित पालीवाल गली में एकत्र हो रही थी। चयन की प्रक्रिया अपनी निष्पक्षता पर कायम थी। जिनका चयन हो जायेगा उनके पैसे हजम और जिनका नही होगा उनके पैसे बापस के सिद्धांत का जैसे ही पर्दाफाश हुआ पूरा मामला सामने आते देर नही लगी।
बीते कई वर्षो तक दागी शिक्षा माफिया का खेल बीएसए दफ्तर में भी खूब रहा। कई टीचरों पर छेडख़ानी जैसे झूठे मुकदमें लगवाकर उनसे मोटी वसूलियां भी चर्चा-ए-आम रहीं। हालाकि बीते एक वर्ष से यह गैंग खुलेआम तो निष्क्रिय है लेकिन वसूली अभियान में आज भी पूरी तरह सक्रिय है।
एआरपी चयन की प्रक्रिया में लेन-देन का भंडा फूटते ही जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विश्वनाथ प्रताप सिंह के तेवर कड़े हो गये। उन्होने आनन-फानन में अधिनस्थों के पेंच कसे और सीधी चेतावनी दी कि चयन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही और भ्रष्टाचार बर्दाश्त नही होगा। दोषी पाये जाने वालों की न केवल बर्खास्तगी होगी बल्कि उन्हें जेल की सलाखों के पीछे भी जाने को तैयार रहना होगा। मामला फंसता देख दलालों के हौंसले पस्त हो गये।
सूत्र बतातें है कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में आने जाने वालों पर भी पैनी नजर रखी जाने लगी है।


