आधार, पैन और वोटर आईडी समेत बांग्लादेश के दो पासपोर्ट बरामद; जनसेवा केंद्र संचालक भी पकड़ा गया
लखनऊ। राजधानी में पुलिस ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर भारत में रह रहे एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी की पहचान सज्जाद हुसैन के रूप में हुई है, जो करीब तीन वर्षों से लखनऊ में रह रहा था। पुलिस ने उसके कब्जे से बांग्लादेश के दो पासपोर्ट समेत कई फर्जी भारतीय दस्तावेज बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार सज्जाद बांग्लादेशी पासपोर्ट पर टूरिस्ट वीजा के जरिए भारत आया था। उसका वीजा 23 सितंबर 2026 को समाप्त हो चुका था। इसके बावजूद वह लखनऊ में रह रहा था। जांच में सामने आया कि उसने कथित तौर पर फर्जी तरीके से भारतीय पहचान संबंधी दस्तावेज तैयार करा लिए थे।
पुलिस के मुताबिक आरोपी के पास से फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और वोटर आईडी बरामद हुई है। इसके अलावा उसके लिए फर्जी निवास प्रमाण पत्र और जन्म प्रमाण पत्र तैयार कराए जाने की बात भी सामने आई है। इन दस्तावेजों के आधार पर बैंक में खाता खुलवाने का भी आरोप है।
पुलिस ने इस मामले में जनसेवा केंद्र संचालक मोहम्मद तलहा को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस का आरोप है कि तलहा ने सज्जाद के लिए फर्जी निवास और जन्म प्रमाण पत्र समेत अन्य दस्तावेज तैयार कराने में मदद की।
जांच में पुलिस को कथित तौर पर यह जानकारी मिली कि फर्जी दस्तावेज तैयार कराने के लिए सज्जाद ने तलहा को पैसे दिए थे। पुलिस के मुताबिक तलहा की मां के बैंक खाते में 900 रुपये और 2,000 रुपये की रकम भी दी गई थी। इन लेनदेन की भी जांच की जा रही है।
पुलिस की जांच में सज्जाद के निजी संबंधों से जुड़ी जानकारी भी सामने आई है। बताया गया है कि पब जी गेम खेलते समय उसकी लखनऊ की एक महिला फरहीन नाज से दोस्ती हुई थी। बाद में दोनों के बीच प्रेम संबंध हो गए। पुलिस के मुताबिक वर्ष 2023 में दोनों ने अयोध्या में कोर्ट मैरिज की थी।
पुलिस के अनुसार सज्जाद इससे पहले दो बार दुबई आ-जा चुका था। जांच एजेंसियां उसके विदेश आने-जाने, भारत में प्रवेश, वीजा अवधि और लखनऊ में उसके प्रवास से संबंधित रिकॉर्ड भी खंगाल रही हैं।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सज्जाद हुसैन को नसीरुल्ला अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया। उसके पास से बांग्लादेश के दो पासपोर्ट बरामद किए गए। इसके बाद पुलिस ने जनसेवा केंद्र संचालक मोहम्मद तलहा को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की।
दोनों आरोपियों के पास से फर्जी आधार, पैन और वोटर आईडी मिलने की बात पुलिस ने कही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी दस्तावेज तैयार कराने में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा इन दस्तावेजों का इस्तेमाल किन उद्देश्यों के लिए किया गया।
मामले में पुलिस द्वारा दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा रही है। साथ ही विदेशी नागरिक के भारत में प्रवेश, वीजा अवधि समाप्त होने के बाद ठहरने और फर्जी भारतीय पहचान पत्र हासिल करने से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।


