25 वर्षों से तानाशाहीपूर्ण तरीके से समिति चलाने का आरोप, ‘सहारा स्टेट बचाओ मार्च’ निकालकर उठाईं कई मांगें
लखनऊ। जानकीपुरम स्थित सहारा स्टेट्स में आवास समिति को लेकर कॉलोनी के रहवासियों का विरोध सामने आया है। रहवासियों ने ‘सहारा स्टेट बचाओ मार्च’ निकालकर समिति के संचालन और कॉलोनी की सामूहिक संपत्तियों से जुड़े मामलों पर सवाल उठाए। मार्च में बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष शामिल हुए।
सहारा स्टेट रहवासी संघर्ष समिति के बैनर तले निकाला गया यह मार्च सहारा स्टेट के गेट से शुरू होकर कॉलोनी के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचा। प्रदर्शनकारियों ने समिति के कामकाज में पारदर्शिता और मूल निवासियों के अधिकारों को सुनिश्चित किए जाने की मांग उठाई।
25 वर्षों से समिति पर तानाशाही का आरोप
रहवासियों का आरोप है कि पिछले करीब 25 वर्षों से आवास समिति पर एकतरफा तरीके से नियंत्रण बना हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने समिति की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि कॉलोनी के मूल निवासियों को उनके अधिकारों और निर्णय प्रक्रिया में उचित भागीदारी मिलनी चाहिए।
रहवासियों ने बिल्डर पर अवैध कार्यकारिणी गठित करने और मूल निवासियों को सदस्यता से बाहर रखने का भी आरोप लगाया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
सामूहिक संपत्तियों को लेकर भी उठे सवाल
मार्च के दौरान कॉलोनी की सामूहिक संपत्तियों को लेकर भी विरोध जताया गया। रहवासियों का आरोप है कि पार्क, क्लब, कम्युनिटी सेंटर और अस्पताल के लिए निर्धारित जमीन तथा अन्य साझा अधिकारों को लेकर गंभीर स्थिति बनी हुई है।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि इन संपत्तियों के संबंध में सभी दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं और कॉलोनीवासियों के सामूहिक हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
मोबाइल टावर और निर्माण कार्य का भी विरोध
रहवासियों ने कॉलोनी में मोबाइल टावर लगाए जाने का भी विरोध किया। उनका आरोप है कि कॉलोनी में बिना उचित सहमति और प्रक्रिया के ऐसे कार्य किए जा रहे हैं। संघर्ष समिति ने मांग की कि किसी भी निर्माण या अन्य महत्वपूर्ण कार्य से पहले कॉलोनीवासियों को लिखित जानकारी और सलाह दी जाए।
अर्जुन सिंह की अगुवाई में संघर्ष समिति
रहवासियों ने बताया कि समस्याओं को सामूहिक रूप से उठाने के लिए अर्जुन सिंह की अगुवाई में सहारा स्टेट रहवासी संघर्ष समिति का गठन किया गया है। समिति का उद्देश्य कॉलोनीवासियों के अधिकारों, साझा संपत्तियों और सुविधाओं से जुड़े मामलों को संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार संस्थाओं के समक्ष उठाना है।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक कॉलोनी की सामूहिक संपत्तियों, सदस्यता, समिति के गठन और निर्माण कार्यों से जुड़े मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक वे अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाते रहेंगे। रहवासियों ने संबंधित विभागों से मामले की जांच कर नियमों और अभिलेखों के आधार पर उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की है।


