प्रधानों ने डीपीआरओ से हटाने की मांग
फर्रुखाबाद। ग्राम पंचायतों में तैनात सचिव की गैरहाजिरी और समय से संपर्क न हो पाने को लेकर ग्राम प्रधानों में नाराजगी बढ़ गई है। महमदपुर अचला, बीबीपुर, कंधरापुर, नारायणपुर गढ़िया और गंगाइच के ग्राम प्रधानों ने जिला पंचायत राज अधिकारी अविनाश चौरसिया को पत्र देकर ग्राम पंचायत सचिव लाल बहादुर को हटाकर उनके स्थान पर किसी अन्य सचिव की तैनाती किए जाने की मांग की है।
प्रधानों ने आरोप लगाया कि सचिव नियमित रूप से ग्राम पंचायत में उपस्थित नहीं रहते, जिसके चलते विकास कार्यों और ग्रामीणों से जुड़े जरूरी काम प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर ग्राम प्रधानों के पास पहुंचते हैं, लेकिन सचिव से समय पर संपर्क न हो पाने के कारण कई मामलों में आवश्यक कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाती। इससे ग्राम पंचायत स्तर पर लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रधानों का कहना है कि सचिव की उपलब्धता न होने से ग्रामीणों की शिकायतों और विकास कार्यों से जुड़े मामलों के निस्तारण में लगातार दिक्कत आ रही है। फोन पर संपर्क करने का प्रयास करने पर भी समय से बात नहीं हो पाती। ऐसे में ग्रामीणों को यह समझाना मुश्किल हो रहा है कि उनके जरूरी काम आखिर कब पूरे होंगे।प्रधानों ने पत्र में सचिव की निजी व्यस्तता और बीमारी का भी उल्लेख करते हुए कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में ग्राम पंचायतों का काम सुचारु रूप से संचालित नहीं हो पा रहा है। उनका कहना है कि लगातार पैदा हो रही समस्याओं से ग्रामीण परेशान हैं और जनप्रतिनिधियों पर भी जवाब देने का दबाव बढ़ रहा है।प्रधानों ने डीपीआरओ से पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए सचिव की कार्यप्रणाली पर विचार करने और उनके स्थान पर किसी अन्य सचिव की तैनाती करने की मांग की है। प्रधानों का कहना है कि सचिव के बदलने से ग्राम पंचायतों के कामकाज में तेजी आएगी और ग्रामीणों की समस्याओं का समय से समाधान हो सकेगा।


