गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गोरखनाथ मंदिर में अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की 12वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने समाधि स्थल पर विशेष पूजा-अर्चना कर गुरु का आशीर्वाद लिया। इसके बाद गोशाला पहुंचकर गायों और गोवंश को गुड़-रोटी खिलाकर गोसेवा की। महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि पर गोरखनाथ मंदिर में सप्ताहभर के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
पूजा-अर्चना और गोसेवा के बाद मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में जनता दर्शन किया। इस दौरान करीब 150 लोगों ने अपनी समस्याएं मुख्यमंत्री के सामने रखीं। योगी ने लोगों की शिकायतें सुनीं और अधिकारियों को उनके समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने लोगों से कहा कि वे चिंता न करें, सरकार हर व्यक्ति की समस्या के समाधान के लिए काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों का निस्तारण पूरी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए और पात्र लोगों को जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलना सुनिश्चित किया जाए। जरूरतमंद मरीजों के समुचित इलाज की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए गए।
जनता दर्शन में जमीन से जुड़े मामलों को लेकर भी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले भू-माफिया और दबंगों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए। फरियादियों की शिकायतों का समयबद्ध तरीके से निस्तारण करने पर भी जोर दिया गया।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने गुरु गोरखनाथ का दर्शन-पूजन किया और महंत अवेद्यनाथ की समाधि पर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। गोशाला में गोसेवा के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों से आए संत भी मौजूद रहे। गोरखनाथ मंदिर में महंत दिग्विजयनाथ की 57वीं और महंत अवेद्यनाथ की 12वीं पुण्यतिथि के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम चल रहे हैं।
मुख्यमंत्री का गोरखपुर दौरा ऐसे समय में हुआ है जब मंगलवार को उन्होंने महंत दिग्विजयनाथ और महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि से जुड़े कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। कार्यक्रम में उन्होंने सामाजिक एकता और विभिन्न परंपराओं के बीच समन्वय की बात कही थी।


