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Sunday, September 27, 2026

एसआईआर पर चुनाव आयोग के चार बड़े फैसले

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– नोटिस मिला तो दफ्तर जाने की जरूरत नहीं

नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच भारत निर्वाचन आयोग ने 26 सितंबर की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। आयोग ने खासतौर पर नोटिस पाने वाले मतदाताओं को राहत देते हुए दस्तावेज जमा करने की प्रक्रिया आसान करने का निर्णय लिया है।
जिन मतदाताओं को नाम का पुराने अभिलेखों से मिलान नहीं होने अथवा तार्किक विसंगतियों के कारण नोटिस जारी किया गया है, उन्हें सामान्य परिस्थितियों में निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी या सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी के कार्यालय में सुनवाई के लिए नहीं बुलाया जाएगा।
बूथ स्तरीय अधिकारी स्वयं मतदाता के घर जाकर आवश्यक दस्तावेज जुटाएंगे। इसके बाद दस्तावेज निर्वाचन आयोग के डिजिटल मंच पर अपलोड किए जाएंगे और निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी उनके आधार पर निर्णय लेंगे।
आयोग के अनुसार केवल असाधारण परिस्थितियों में ही सुनवाई की आवश्यकता होगी। ऐसी स्थिति में सुनवाई को प्राथमिकता के आधार पर ऑनलाइन माध्यम से कराने की व्यवस्था की जाएगी। जरूरत पड़ने पर मतदाता अपने परिवार के किसी वयस्क सदस्य को अपनी ओर से सुनवाई में शामिल होने के लिए अधिकृत भी कर सकता है।
जिला निर्वाचन अधिकारियों को रैन बसेरों में रहने वाले लोगों, श्रमिकों, गरीबों और बेघर नागरिकों के लिए जरूरत के अनुसार सहायता केंद्र और विशेष शिविर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य पात्र नागरिकों को मतदाता सूची से जुड़ी प्रक्रिया में सहायता उपलब्ध कराना है।
आयोग ने अपने डिजिटल मंच ईसीआईनेट की कार्यप्रणाली की समीक्षा के लिए वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त की अध्यक्षता में समिति गठित करने का फैसला किया है। समिति में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान या भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान का स्वतंत्र विशेषज्ञ भी शामिल होगा। समिति यह जांचेगी कि डिजिटल व्यवस्था कानून और नियमों के अनुरूप काम कर रही है या नहीं।
आयोग ने दिल्ली में दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख 30 अक्टूबर 2026 तक बढ़ा दी है। इनके निस्तारण की समयसीमा 30 नवंबर तक रहेगी। महाराष्ट्र में भी दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समयसीमा बढ़ाई गई है।
निर्वाचन आयोग के अनुसार 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। आयोग ने यह भी कहा है कि पुनरीक्षण के दौरान नाम छूट जाने वाले पात्र नागरिक निर्धारित प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

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