– जलालपुर मामले में दो सगे भाइयों ने किया कोर्ट में सरेंडर
– एसआईटी कर रही जांच; दिव्य प्रकाश सिंह की तलाश तेज
जौनपुर। जलालपुर और सुरेरी थाना क्षेत्रों में कथित जबरन वसूली और लूट के मामलों ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। मामले में सुरेरी के तत्कालीन थानाध्यक्ष एवं निलंबित उपनिरीक्षक दिव्य प्रकाश सिंह पर पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें दबिश दे रही हैं।
जलालपुर थाने में दर्ज मुकदमे में संकीत सिंह और विकास उर्फ आकाश समेत अन्य लोगों को नामजद किया गया था। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी सगे भाई हैं। दोनों ने बुधवार को अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
जलालपुर मामले में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उसे जबरन वाहन में बैठाकर ले जाया गया और मारपीट व धमकी के बाद उसके मोबाइल से यूपीआई के जरिए करीब 2.15 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कराए गए। एटीएम से रकम निकाले जाने का आरोप भी लगाया गया है। मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान सुरेरी के तत्कालीन थानाध्यक्ष दिव्य प्रकाश सिंह की भूमिका भी जांच के दायरे में आई। रिपोर्टों के अनुसार, मुकदमा दर्ज होने के बाद वह थाने से चले गए और उनका CUG मोबाइल नंबर थाने में ही रह गया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें निलंबित कर दिया और उनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित की गईं।
मामले में जांच के दौरान सुरेरी थाने में तैनात रहे सत्येंद्र कुमार गौड़ और विष्णु सिंह को गिरफ्तार किया गया है। दोनों को निलंबित भी किया गया है। पूरे प्रकरण की जांच के लिए वाराणसी रेंज के डीआईजी वैभव कृष्ण के निर्देश पर विशेष जांच टीम गठित की गई है। टीम तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर दोनों मामलों की जांच कर रही है।
पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह के अनुसार, प्रकरण में जो भी पुलिसकर्मी या अन्य व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस का मुख्य फोकस फरार निलंबित थानाध्यक्ष दिव्य प्रकाश सिंह की गिरफ्तारी और कथित वसूली की रकम तथा उसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने पर है।
मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।


