अमेरिकी टीवी चैनलों ने साझा कवरेज रोकी तो व्हाइट हाउस ने शुरू किया अपना टीवी मंच
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और मीडिया संस्थानों के बीच चल रहा विवाद अब राष्ट्रपति के कार्यक्रमों की टेलीविजन कवरेज तक पहुंच गया है। व्हाइट हाउस की ओर से सीएनएन, एमएस नाउ और पॉलिटिको के पत्रकारों पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद अमेरिका के प्रमुख टीवी चैनलों ने राष्ट्रपति के कार्यक्रमों की साझा सीधी कवरेज रोक दी है। इसके जवाब में व्हाइट हाउस ने अपना ऑनलाइन टीवी मंच शुरू किया है, जिसका नाम ‘ट्रंप टीवी’ रखा गया है।
‘ट्रंप टीवी’ के जरिए राष्ट्रपति के भाषण, सरकारी घोषणाएं, कार्यक्रमों के वीडियो और पुराने प्रमुख कार्यक्रमों की रिकॉर्डिंग दिखाई जाएगी। इसके माध्यम से लोग मोबाइल फोन और इंटरनेट से जुड़े अन्य उपकरणों पर व्हाइट हाउस के कार्यक्रमों की सीधी तस्वीरें भी देख सकेंगे। व्हाइट हाउस ने इसे प्रशासन की गतिविधियों को सीधे जनता तक पहुंचाने का माध्यम बताया है।
सोमवार को व्हाइट हाउस में नए हेलिपैड के उद्घाटन के दौरान साझा टीवी कवरेज नहीं होने का असर साफ दिखाई दिया। आमतौर पर ऐसे कार्यक्रमों में प्रमुख टीवी चैनल अपने कैमरों के जरिए तस्वीरें और आवाज रिकॉर्ड करते हैं। इस बार साझा कवरेज रोक दिए जाने के कारण व्हाइट हाउस को कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो खुद जारी करने पड़े। हेलिकॉप्टर के शोर के कारण राष्ट्रपति ट्रंप की आवाज भी स्पष्ट रूप से सुनाई नहीं दे रही थी।
अमेरिका में राष्ट्रपति के कार्यक्रमों की साझा कवरेज की व्यवस्था इसलिए है ताकि सभी प्रमुख चैनलों को हर कार्यक्रम में अलग-अलग कैमरे भेजने की जरूरत न पड़े। चैनल बारी-बारी से राष्ट्रपति के कार्यक्रमों की तस्वीरें और वीडियो तैयार कर दूसरे संस्थानों के साथ साझा करते हैं। इस बार सीएनएन की बारी थी, लेकिन उसके पत्रकारों पर प्रतिबंध के बाद अन्य प्रमुख चैनलों ने भी उसकी जगह कवरेज करने के बजाय साझा व्यवस्था को रोक दिया।
इस विवाद के खिलाफ सीएनएन, एमएस नाउ और पॉलिटिको ने अमेरिकी संघीय अदालत का दरवाजा खटखटाया है। तीनों मीडिया संस्थानों ने व्हाइट हाउस से अपने पत्रकारों की पहुंच बहाल करने की मांग की है। उनका कहना है कि पत्रकारों को राष्ट्रपति और प्रशासन की गतिविधियों की स्वतंत्र रिपोर्टिंग से रोकना प्रेस की स्वतंत्रता से जुड़े संवैधानिक अधिकारों का मामला है। वहीं ट्रंप लंबे समय से कई मीडिया संस्थानों पर उनके खिलाफ पक्षपातपूर्ण खबरें चलाने का आरोप लगाते रहे हैं।
न्यूयॉर्क टाइम्स ने भी सोमवार को व्हाइट हाउस के साझा फोटो समूह से मिली तस्वीरों को प्रकाशित नहीं करने का फैसला किया। अखबार ने कहा कि वह उन मीडिया संस्थानों के समर्थन में ऐसा कर रहा है, जिनके पत्रकारों को व्हाइट हाउस से बाहर किया गया है। इस पूरे घटनाक्रम ने अमेरिकी राष्ट्रपति और स्वतंत्र मीडिया के बीच चल रहे टकराव को और बढ़ा दिया है।


